विदेशी निवेशकों का बदलता रुख, क्या पॉलिसी बन रही है बाधा?
वैश्विक बाजारों की चाल को समझने में अक्सर यह देखा जाता है कि चार्ट पहले संकेत दे देते हैं, जबकि असली कारण बाद में सामने आते हैं।
वैश्विक बाजारों की चाल को समझने में अक्सर यह देखा जाता है कि चार्ट पहले संकेत दे देते हैं, जबकि असली कारण बाद में सामने आते हैं।
बैंक निफ्टी के हालिया मूवमेंट पर नजर डालें तो पिछले सप्ताह बाजार का व्यवहार काफी हद तक अनिश्चित और सीमित दायरे में घूमता हुआ नजर आया।
मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में इस समय निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती किसी स्पष्ट ट्रेंड की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि उस ट्रेंड के पीछे के कारणों की गहरी अनिश्चितता है।
वैश्विक राजनीति और आर्थिक परिदृश्य इस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जहां युद्ध, कूटनीति और बाजार- तीनों एक-दूसरे को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।
वैश्विक बाजारों का रुख इस समय पूरी तरह अनिश्चितता और सट्टेबाज़ी के मिश्रण से संचालित होता दिख रहा है।
स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों में इस समय सबसे बड़ी समस्या किसी स्पष्ट ट्रेंड की कमी नहीं, बल्कि उस ट्रेंड के पीछे के कारणों की अनिश्चितता है।
मौजूदा समय में निफ्टी लगभग 22,700 के आसपास बंद हो रहा है, लेकिन चार्ट को ध्यान से देखें तो अभी भी बाजार में कमजोरी का ट्रेंड पूरी तरह खत्म होता हुआ नजर नहीं आता।
बाजार के मौजूदा चार्ट को अगर कोविड के बाद की चाल के संदर्भ में देखा जाए, तो एक दिलचस्प समानता नजर आती है। जिस तरह 2021 में बाजार ने एक लंबा कंसोलिडेशन फेज दिखाया था, वैसा ही और शायद उससे थोड़ा ज्यादा गहरा कंसोलिडेशन इस समय भी बनता हुआ दिखाई दे रहा है।
मौजूदा समय में शेयर बाजार जिस दौर से गुजर रहा है, वह काफी अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है। लगातार छह हफ्तों से बाजार में कमजोरी बनी हुई है, हालांकि हाल के हफ्ते में गिरावट कुछ कम जरूर हुई है।
आईटी सेक्टर में हाल के दिनों में जो हलचल देखने को मिली है, उसने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर इस ओर खींचा है। पिछले कुछ दिनों और खासकर पिछले हफ्ते में इस सेक्टर में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है।
चाँदी (Silver) की स्थिति सोने से थोड़ी अलग दिखाई देती है। हाल में इसमें कुछ कमजोरी जरूर दिखी है, लेकिन इसके चार्ट पर अभी भी कंसोलिडेशन या एक और उछाल की संभावना बनी हुई है।
अभी के समय में सोने (Gold) की चाल को लेकर जो तस्वीर बन रही है, वह पूरी तरह से मजबूत ट्रेंड की नहीं बल्कि एक रेंज-बाउंड और रिट्रेसमेंट वाली स्थिति की ओर इशारा करती है।
मौजूदा बाजार परिस्थिति में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहा है।
पिछले सप्ताह निफ्टी बैंक में भी व्यापक बाजार की तरह ही उतार-चढ़ाव भरा रुख देखने को मिला। शुरुआत एक बड़ी गिरावट वाली लाल कैंडल से हुई, इसके बाद एक डोजी कैंडल बनी, जो अनिश्चितता का संकेत देती है।
मौजूदा समय में शेयर बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के दबाव में है, जिससे निवेशकों के मन में असमंजस और अनिश्चितता बनी हुई है।
एक निवेशक के मन में सवाल है कि 23,500 के स्तर से नीचे फ्लेक्सी कैप और स्मॉल कैप फंड्स में एकमुश्त 5 लाख रुपये का निवेश कैसा रहेगा?