मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में क्यों दिख रही है नयी उम्मीद?
जहाँ लार्जकैप शेयरों में ग्रोथ सीमित नजर आ रही है, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
जहाँ लार्जकैप शेयरों में ग्रोथ सीमित नजर आ रही है, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
शेयर बाजार में इस समय निफ्टी एक महत्वपूर्ण दायरे में कारोबार कर रहा है।
आईटी इंडेक्स पिछले कुछ समय से दबाव में नजर आ रहा है और तकनीकी संकेत भी फिलहाल मजबूत तेजी की ओर इशारा नहीं करते।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने आईटी सेक्टर के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
डेल्हीवरी के शेयर में पिछले कुछ समय से एक सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी डेल्हीवरी के शेयर को लेकर निवेशकों के बीच मिश्रित राय देखने को मिल रही है। कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और ऑपरेशनल स्तर पर सुधार भी नजर आ रहा है।
इंद्रप्रस्थ मेडिकल को लेकर निवेशकों को अपनी रणनीति स्पष्ट रखनी चाहिए। यदि कोई निवेशक तेज ग्रोथ और बड़े रिटर्न की उम्मीद कर रहा है, तो यह शेयर उसकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सकता।
कई निवेशकों के मन में यह सवाल आता है कि जब इंद्रप्रस्थ मेडिकल और अपोलो समूह का संबंध है, तो दोनों कंपनियों के वैल्यूएशन में इतना बड़ा अंतर क्यों है।
इंद्रप्रस्थ मेडिकल को हेल्थकेयर सेक्टर की एक स्थिर और भरोसेमंद कंपनी माना जाता है।
जेबी केमिकल्स में 2073 रुपये के आसपास निवेश करने वाले निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसे एक साल के निवेश के रूप में रखा जाए या फिर ट्रेडिंग अवसर के रूप में देखा जाए।
एलएंडटी फाइनेंस उन चुनिंदा वित्तीय कंपनियों में शामिल है जिन्हें बाजार लंबे समय के निवेश के लिए मजबूत दावेदार मानता है।
सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें जेबी केमिकल्स (JB Chemicals) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें एलएंडटी फाइनेंस (L&T Finance) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
भारतीय शेयर बाजार में पिछले लगभग दो वर्षों से मिडकैप और स्मॉलकैप निवेशकों को अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल पाए हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया मौद्रिक नीति के बाद बैंकिंग सेक्टर निवेशकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
शेयर बाजार में लंबे समय से निवेश करने वाले निवेशकों के बीच लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) को लेकर बहस तेज हो गई है।