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गिरावट के बाद देर से आती है तेजी ऐसे में आरईसी लिमिटेड में अभी पैसा लगाएं या रुकें?

आलोक रंजन ठाकुर जानना चाहते हैं कि उन्हें आरईसी लिमिटेड (REC Limited) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? क्या मौजूदा भावों पर इसे 3 से 5 साल के नजरिये से खरीदना सही रहेगा। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

50,000 से 33,000 रुपये तक फिसला पेज इंडस्ट्रीज, क्या अभी भी खतरा बाकी है?

अरिन जैन जानना चाहते हैं कि उन्हें पेज इंडस्ट्रीज (Page Industries) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? क्या मौजूदा स्तरों पर इसमें एक्यूमुलेट करना सही रहेगा या नहीं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

700 रुपये तक उछाल की संभावना, पर क्या टिकेगा डीएलएफ शेयर?

सूरज पांडे जानना चाहते हैं कि उन्हें डीएलएफ (DLF) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 650 के भाव पर खरीदा है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

एक्सपर्ट से जानें निवेशकों को ट्रेंट शेयरों को एवरेज करना चाहिए या नहीं?

जूना जानना चाहते हैं कि उन्हें ट्रेंट (Trent) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने ट्रेंट के 543 शेयर करीब 5500 रुपये के भाव पर खरीदे थे। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

विशेषज्ञ से जानें क्यूएसआर (Quick Service Restaurant) सेक्टर क्यों नहीं चल रहा?

एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें क्यूएसआर (Quick Service Restaurant) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

जोमैटो के नतीजों में दम, मुनाफा 73% उछला, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

जोमैटो के ताजा नतीजे पहली नजर में काफी मजबूत दिखाई देते हैं। कंपनी का मुनाफ़ा साल-दर-साल आधार पर करीब 73% बढ़ा है, जबकि रेवेन्यू में लगभग 200% की तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। निवेशक जानना चाहते है शेयरों में आगे क्या करना चाहिए? 

लगातार झटकों से मिडकैप और स्मॉलकैप दबाव में क्यों आ रही है?

बीते हफ्ते निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में तेज और लगातार गिरावट ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। मिडकैप इंडेक्स पहले 61,600 के आसपास से गिरकर 58,850 तक आया, वहां से थोड़ी संभलन दिखी, लेकिन दोबारा 60,300 के स्तर से फिसलकर सीधे 56,700 के करीब पहुंच गया।

अडानी ग्रुप पर किन खबरों का असर, शेयरों में तेज गिरावट से बाजार दबाव में

शेयर बाजार पर अडानी ग्रुप से जुड़ी खबरों का साफ असर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई रिपोर्ट्स के बाद अडानी ग्रुप के लगभग सभी शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कहीं 5% तो कहीं 15% तक।

डिवीज लैब शेयरों में निवेशकों को कब एंट्री लेनी चाहिए?

अर्जुन मीह जानना चाहते हैं कि उन्हें डिवीज लैब (Divis Labs) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? सवाल यह है कि क्या मौजूदा स्तरों पर री-एंट्री सही रहेगी या अभी और इंतजार करना चाहिए। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

एक्सपर्ट से जानें डीलिंक इंडिया पर निवेशक की चिंता, अब आगे क्या रणनीति होनी चाहिए?

पार्थ पटेल जानना चाहते हैं कि उन्हें डीलिंक इंडिया (DE-Link India) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 558 रुपये के स्तर पर खरीदा था और काफी समय से होल्ड कर रखा है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

एक्सपर्ट से जानें चाँदी में और कितनी तेजी बाकी है, 2026 के लिए कीमत का अनुमान क्या है?

2026 के लिए चांदी के आउटलुक पर बात करें तो अत्यधिक आक्रामक लक्ष्य देने से बचने की जरूरत है। इस साल के लिए चँदी की कीमत का अनुमान क्या है?

एक्सपर्ट से जानें चाँदी में इतनी तेजी क्यों आई है, निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

चाँदी को लेकर वैश्विक स्तर पर जिस तरह की चर्चाएँ चल रही हैं, उसमें चीन की भूमिका सबसे अहम बनकर सामने आ रही है।

एक्सपर्ट से जानें सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, सालभर के टारगेट जनवरी में पूरे

कमोडिटी बाजार में इस समय जो हलचल दिख रही है, वह असाधारण है। सोने और चांदी दोनों ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है।

बजट से पहले फीकी पड़ी शेयर बाजार की तेजी? क्या बाजार को बड़े सरप्राइज की उम्मीद नहीं

बजट से पहले बाजार में बनने वाली पारंपरिक तेजी इस बार थोड़ी कमजोर दिखाई दे रही है। आमतौर पर बजट से पहले निवेशक किसी बड़े ऐलान की उम्मीद में पोज़िशन बनाते हैं, लेकिन इस बार माहौल अलग है।

विशेषज्ञ से जानें मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट क्यों आई?

अमेरिकी बाजारों में हालिया उतार-चढ़ाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। हालांकि यह गिरावट फिलहाल एक सामान्य करेक्शन जैसी दिखती है। जियोपॉलिटिकल तनावों से डर जरूर बना है, लेकिन लंबे और बड़े युद्ध की संभावना कम मानी जा रही है, खासकर अमेरिका के बढ़ते कर्ज को देखते हुए।

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