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जियोपॉलिटिकल तनाव से हिला बाजार, क्या बढ़ेगी अनिश्चितता?

वैश्विक बाजारों में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती तीन सत्रों में बाजार ने संभलने की कोशिश की थी, लेकिन अचानक आई बिकवाली ने पूरे हफ्ते की बढ़त मिटा दी।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव माना जा रहा है। वीकेंड के आसपास संभावित सैन्य गतिविधियों की आशंका और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने पोजीशन हल्की की, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। हालांकि इतिहास बताता है कि जियोपॉलिटिकल तनाव का असर अक्सर सीमित अवधि तक ही रहता है। यदि कोई संघर्ष होता भी है, तो उसके स्वरूप और अवधि पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह व्यापक वैश्विक युद्ध में बदलने की संभावना कम है और अधिकतम एक सीमित या क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। ऐसे में अनिश्चितता कुछ हफ्तों तक रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि की घबराहट की स्थिति बनने की आशंका कम है।

घरेलू मोर्चे पर तस्वीर अपेक्षाकृत मजबूत दिख रही है। हालिया तिमाही नतीजों में बड़ी कंपनियों की आय वृद्धि 7-9% के दायरे में रही है, जबकि मिडकैप कंपनियों में लगभग 18–19% और स्मॉलकैप में 30% से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। इससे संकेत मिलता है कि कॉरपोरेट आय चक्र में सुधार की शुरुआत हो चुकी है। भले ही इसमें कुछ हद तक बेस इफेक्ट का योगदान हो, लेकिन अगले वित्त वर्ष में 15% तक ईपीएस वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

रणनीतिक तौर पर विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि बाजार में 5–10% तक की और गिरावट आती है तो उसे घबराहट की बजाय अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था की घरेलू मांग और आर्थिक संकेतक अपेक्षाकृत मजबूत हैं, इसलिए डोमेस्टिक-फोकस्ड पोर्टफोलियो फिलहाल अधिक सुरक्षित माने जा रहे हैं।

तकनीकी स्तरों की बात करें तो निफ्टी के लिए 25,000 और बैंक निफ्टी के लिए 59,500 अहम सपोर्ट स्तर माने जा रहे हैं। जब तक इन स्तरों के नीचे निर्णायक क्लोजिंग नहीं मिलती, तब तक बड़ी गिरावट का खतरा सीमित समझा जा सकता है। हालांकि यदि ये स्तर टूटते हैं तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल मार्च मध्य तक बाजार के रेंज-बाउंड रहने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें हल्का सकारात्मक झुकाव बना रह सकता है।


(शेयर मंथन, 24 फरवरी 2026)

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