शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

रूट मोबाइल शेयरों में भारी गिरावट, क्या निवेशकों को रहना चाहिए सावधान?

विकास जानना चाहते हैं कि उन्हें रूट मोबाइल (Route Mobile) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 850 रुपये के भाव पर लिया है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि फिलहाल इस स्टॉक की तकनीकी स्थिति काफी कमजोर दिखाई दे रही है, क्योंकि इसने अपने आईपीओ के समय बने निचले स्तर को भी तोड़ दिया है। आमतौर पर जब कोई शेयर अपने ऑल-टाइम लो या महत्वपूर्ण सपोर्ट को तोड़ देता है तो उसे सम्मान देना चाहिए और ऐसे समय पर जल्दबाजी में निवेश बढ़ाने से बचना बेहतर माना जाता है।

दरअसल रूट मोबाइल ने 2021 के दौरान जबरदस्त तेजी दिखाई थी। उस समय यह शेयर लगभग 130 के प्राइस-अर्निंग मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा था और इसका भाव करीब 2000 रुपये से ऊपर जाकर लगभग 2400 रुपये तक पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद कंपनी के ग्रोथ ट्रेंड में लगातार गिरावट देखने को मिली। पहले जहां कंपनी 50% से 80% तक की तेज ग्रोथ दिखा रही थी, वहीं अब ग्रोथ दर काफी कम होकर 10-12% तक आ गई और हाल के कुछ क्वार्टर में सेल्स में गिरावट भी दिखने लगी है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और वैल्यूएशन में भी बड़ा करेक्शन देखने को मिला है।

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले यह लगभग 3500 करोड़ रुपये की बिक्री पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमा रही थी, लेकिन बाद के वर्षों में सेल्स बढ़ने के बावजूद मुनाफे की गति उतनी मजबूत नहीं रही। हाल के समय में एक तिमाही में घाटा भी देखने को मिला था, हालांकि उसके बाद कंपनी फिर से मुनाफे में लौटी। इसके बावजूद क्वार्टर-दर-क्वार्टर सेल्स में गिरावट और मार्जिन पर दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल इस कंपनी के बिजनेस मॉडल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, खासकर क्लाउड और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म बिजनेस की स्थिरता को लेकर। नई तकनीकों और खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण इस तरह के बिजनेस मॉडल पर भी दबाव बन सकता है। ऐसे में जब तक कंपनी अपने नतीजों में दोबारा स्थिर और मजबूत ग्रोथ नहीं दिखाती, तब तक बड़े निवेश से बचना ही बेहतर रणनीति हो सकती है। यदि भविष्य में शेयर में स्पष्ट रिवर्सल और बिजनेस में सुधार दिखता है, तब निवेशक स्टॉप-लॉस के साथ दोबारा अवसर तलाश सकते हैं। फिलहाल के लिए सावधानी और धैर्य रखना ही समझदारी मानी जा रही है।


(शेयर मंथन, 07 मार्च 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख