पावरिका का 1100 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 मार्च तक खुलेगा, मैनेजमेंट से जानें कंपनी का ग्रोथ प्लान

पावर बैकअप और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करने वाली पावरिका कंपनी अपना लगभग 1100 करोड़ रुपये का आईपीओ लेकर आ रही है, जो 24 से 27 मार्च के बीच खुला रहेगा।

इस इश्यू में फ्रेश इक्विटी के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल (OFS) का भी हिस्सा शामिल है, जिसके तहत प्रमोटर फैमिली अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेच रही है। कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर भरत ओबरॉय के अनुसार, पावरिका की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी, जब भारत में पावर बैकअप का बाजार काफी असंगठित था। उनके पिता ने इस सेक्टर में संगठित तरीके से डीजल जनरेटिंग सेट (DG Set) का निर्माण और इंस्टॉलेशन शुरू किया, जो उस समय एक नई अवधारणा थी।

आज पावरिका का कारोबार कई सेक्टर्स में फैला हुआ है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख हैं। कंपनी का मानना है कि भले ही भारत में ग्रिड बिजली की उपलब्धता बढ़ी हो, लेकिन “स्टैंडबाय पावर” की जरूरत खत्म नहीं हुई है। अस्पताल, डेटा सेंटर, हाई-राइज बिल्डिंग्स और औद्योगिक इकाइयों जैसे क्षेत्रों में बैकअप पावर अनिवार्य है, जिससे DG सेट की मांग बनी हुई है। कंपनी का लगभग 80-85% बिजनेस औद्योगिक और कमर्शियल सेगमेंट से आता है, जबकि 15-20% हिस्सा रेजिडेंशियल और छोटे कमर्शियल यूज से जुड़ा है।

कंपनी का एक बड़ा मजबूत पक्ष उसकी लंबे समय से Cummins Inc. के साथ साझेदारी है, जिसके तहत वह OEM के रूप में काम करती है। यह साझेदारी कंपनी को विश्वसनीय सप्लाई और व्यापक प्रोडक्ट रेंज प्रदान करती है। हालांकि, एक ही OEM पर निर्भरता को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन कंपनी इसे अपनी ताकत मानती है, क्योंकि क्यूमिंस की टेक्नोलॉजी और सपोर्ट इंडस्ट्री में अग्रणी मानी जाती है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के आंकड़ों में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2023-24 में प्रॉफिट में उछाल का एक बड़ा कारण तमिलनाडु में स्थित विंड पावर एसेट्स की बिक्री से प्राप्त एकमुश्त (one-time) आय थी, जबकि सामान्य संचालन में ग्रोथ स्थिर रही। 2025 में नए उत्सर्जन मानकों (CPCB-IV) लागू होने के कारण इंजन कीमतों में 30% से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे “प्री-बाय” ट्रेंड देखने को मिला और बिक्री में अस्थायी उछाल आया।

भविष्य की रणनीति में कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी, खासकर विंड पावर पर भी जोर दे रही है। वर्तमान में उसके पास 330 मेगावाट की ऑपरेशनल विंड पावर क्षमता है, जिसे बढ़ाकर आने वाले समय में लगभग 480-500 मेगावाट तक ले जाने की योजना है। इसके अलावा, कंपनी ने GE Vernova के साथ मिलकर 2000 मेगावाट की बड़ी परियोजना के लिए जॉइंट वेंचर भी किया है, जो भविष्य में उसके विस्तार का प्रमुख आधार बनेगा।

आईपीओ से जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने कर्ज (debt) को चुकाने में लगाएगी, जिससे वह लगभग “जीरो डेट” कंपनी बन जाएगी। प्रबंधन का मानना है कि इससे निवेशकों को एक साफ बैलेंस शीट मिलेगी और भविष्य में विकास के लिए बेहतर अवसर बनेंगे। कुल मिलाकर, पावरिका एक पारंपरिक पावर बैकअप व्यवसाय से आगे बढ़कर रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे आने वाले वर्षों में इसके विकास की संभावनाएं बनी हुई हैं।



(शेयर मंथन, 21 मार्च 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)