सीएलएसए का भारत के लिए बदला रुख, मंदी के बदले अपनाया रचनात्मक नजरिया

सीएलएसए इक्विटी स्ट्रैटेजी (सीएलएसए Equity Strategy) के विकास जैन ने 18 महीने तक भारतीय शेयरों पर मंदी का रुख बनाये रखने के बाद अब रचनात्मक (constructive) नजरिया अपना लिया है।

सीएसएलए की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान संघर्ष और उसके बाजार पर प्रभाव को लेकर “अधिकतम दर्द” (maximum pain) का दौर शायद बीत चुका है। बाजार की भावना अत्यधिक मंदी के स्तर पर पहुँच गयी है और वास्तविक (एबसोल्यूट) एवं तुलनात्मक (रिलेटिव) दोनों तरीके से मूल्यांकन 10-वर्षीय औसत से नीचे आ चुके हैं। ऐसे में भारतीय इक्विटी का रिस्क-रिवार्ड प्रोफाइल 18 महीने बाद आखिरकार संतुलित होने का अनुमान है। सीएलएसए ने बताया कि पिछली तिमाही में उन्होंने गिरावट में सुरक्षा की रणनीति (Downside Protection Strategy) अपनायी, जिसकी वजह से उनका पोर्टफोलियो निफ्टी से 6% अंक (6ppt) बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा। अब वे तेजी का लाभ उठाने (Upside Capture) करने की दिशा में बढ़ रहे हैं और अपने पोर्टफोलियो में कई बदलाव कर रहे हैं।

सीएलएसए द्वारा पोर्टफोलियो में किये गये प्रमुख बदलाव :

  • आईटीसी (ITC) से बाहर निकल कर वरुण बेवरेजेज (Varun Beverages) में प्रवेश
  • बजाज ऑटो (Bajaj Auto) की जगह महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) को शामिल किया
  • अल्ट्राटेक सीमेंट (Ultratech Cement) की तुलना में वेदांत (Vedanta) में युद्ध के बाद बेहतर स्थिति (Post-war Setup) की उम्मीद
  • रक्षात्मक शेयर एनटीपीसी (NTPC) की जगह एलऐंडटी (L&T) को शामिल किया
  • इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) की बजाय बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) में बेहतर जोखिम-लाभ (रिस्क-रिवार्ड) अनुपात
  • वित्तीय (फाइनेंशियल) शेयरों को ओवरवेट (O-WT) और आईटी क्षेत्र को अंडरवेट (U-WT) किया। इसमें टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) को बाहर करके एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को शामिल किया गया

सीएलएसए ने अपने पोर्टफोलियो में आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एसबीआई (SBI), ओएनजीसी (ONGC), टाटा मोटर्स सीवी और पीवी दोनों (Tata Motors CV + PV), इन्फोसिस (Infosys), डीमार्ट (DMart), ईटर्नल (Eternal) और गोदरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties) को जारी रखने का फैसला किया है। सीएलएसए की इस रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि अब भारतीय शेयर बाजार में जोखिम लाभ अनुपात अनुकूल होने के साथ निवेशकों को तेजी की संभावनाएँ नजर आ रही हैं। (शेयर मंथन, 11 अप्रैल 2026)