क्रिसिल रिसर्च के 22 बड़े क्षेत्रों में पूँजीगत निवेश के विश्लेषण के मुताबिक निवेश में गिरावट जारी है और चालू वित्त वर्ष में भी इसमें 2% की गिरावट आने के आसार हैं। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि पिछले दो साल से गिरावट दर्ज कर रहे निजी निवेश में इस वित्त वर्ष के दौरान भी 8% तक गिरावट होने के संकेत हैं।
12 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से 10 में क्षमता उपयोग दर पाँच साल की तलहटी पर है, जिससे नयी परियोजनाओं की घोषणाएँ भी नहीं हो रही हैं। नतीजतन, ताजा निवेश कुल निवेश के महज 20% तक रहने की उम्मीद है। इसके चलते क्रिसिल रिसर्च का मानना है कि पूँजीगत निवेश में सार्थक सुधार वित्त वर्ष 2016-17 से ही दिखना शुरू होगा। वित्त वर्ष 2016-17 में पूँजी निवेश में 7% की वृद्धि होने का अनुमान है। (शेयर मंथन, 6 अगस्त, 2015)