सोमवार को यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में भारी उछाल दर्ज किये जाने के बाद मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती देखी गयी, हालांकि चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में हल्की कमजोरी रही। जापान के निक्केई सूचकांक में 5.22% की बढ़त रही। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 3.38% की मजबूती दर्ज की गयी। ताइवान वेटेड सूचकांक में 2.55% की बढ़त रही, जबकि दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार का सूचकांक कॉस्पी 1.36% चढ़ने के बाद बंद हुआ। सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स सूचकांक में 1.23% की मजबूती दर्ज की गयी। जकार्ता कंपोजिट में 1.12% की बढ़त देखी गयी।उधर यूरोपीय बाजारों में मंगलवार के कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। भारतीय समयानुसार दोपहर 2.55 बजे एफटीएसई 100, कैक 40और डैक्स सूचकांक में 1.2-2%की कमजोरी है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।