भारतीय रिजर्व बैंक का रेपो रेट 0.40% बढ़ाने का ऐलान,सीआरआर भी 0.50 फीसदी बढ़ा

देश में लगातार बढ़ रही महंगाई पर नियंत्रण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की 2-4 मई को आपात बैठक बुलाई। बैठक के बाद एमपीसी के सभी सदस्यों ने एक राय से रेपो रेट में बढ़ाने पर सहमति जताई। आरबीआई ने रेपो रेट यानी बेंचमार्क लेंडिंग रेट 4% से बढ़कर 4.40% करने का ऐलान किया है। आरबीआई के इस कदम से न केवल व्यक्तिगत कर्ज बल्कि कॉरपोरेट्स के लिए भी कर्ज की लागत महंगी हो जाएगी।

आपको बता दें कि महंगाई दर पिछले 3 महीनों से आरबीआई के 6 फीसदी लक्ष्य से ज्यादा है। हालाकि आरबीआई ने अकोमोडेटिव रुख बरकरार रखा है लेकिन भविष्य में अकोमोडेटिव रुख बदलने की बात कही है। इसके अलावा कैश रिजर्व रेश्यो में भी 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है जिससे कैश रिजर्व रेश्यो 4 फीसदी से बढ़कर 4.5 फीसदी हो गया है। आरबीआई के इस कदम से बैंकिंग सिस्टम से करीब 87,000 करोड़ रुपए की नकदी निकल जाएगी। कैश रिजर्व रेश्यो में बढ़ोतरी 21 मई से लागू होगा। आपको बता दें कि आरबीआई ने अगस्त 2018 के बाद पहली बार दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। रेपो रेट वह दर होता है जिसपर बैंक आरबीआई से कर्ज उधार लेते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक अप्रैल में महंगाई दर और ज्यादा रह सकती है। मार्च में खुदरा महंगाई दर 6.9 फीसदी दर्ज किया गया था। आरबीआई ने इससे पहले 22 मई 2022 को पॉलिसी रेपो रेट या छोटी अवधि के कर्ज की दरों में बदलाव किया था।
एमपीसी की अगली बैठक 6-8 जून को होगी। आरबीआई के मुताबिक निजी खपत में बढ़ोतरी हो रही है। महंगाई की बढ़ती दर काफी चिंताजनक है। इंडोनेशिया के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से खाने के तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है। वैश्विक सप्लाई चेन में दिक्कतों से कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है।
वैश्विक स्तर पर हो रहे उथल-पुथल के कारण अर्थव्यवस्था के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं। साथ ही रूस-यूक्रेन संकट से कमोडिटी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। हालाकि आरबीआई ने अप्रैल में ऐलान किए गए जीडीपी ग्रोथ अनुमान में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। जीडीपी ग्रोथ का अनुमान आरबीआई ने पहले ही वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया है। सरकार के पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी,क्षमता इस्तेमाल में सुधार और कॉरपोरेट के बेहतर बैलेंस शीट से निवेश के स्तर में तेजी आई है। (शेयर मंथन 04 मई, 2022)

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