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शेयर बाजार

शुरुआती झटकों से संभल कर अंत में मजबूती के साथ बंद हुआ बाजार

आरबीआई गवर्नर के इस्तीफे और पाँच राज्यों के चुनाव नतीजों के रुझानों से शुरुआत में लगे झटकों से संभल कर मंगलवार को अंत में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।

शुरुआती दबाव से कुछ उबरा बाजार, फिर भी सेंसेक्स (Sensex) 167 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार ने ग्रीस संकट से पैदा वैश्विक घबराहट के बीच आज हफ्ते की बेहद कमजोर शुरुआत की, मगर बाद में इसने खुद को थोड़ा सँभाला।

शुरुआती बढ़त खोने के बाद सपाट बंद हुआ भारतीय बाजार

कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।

शुरुआती बढ़त खोकर सपाट बंद हुआ बाजार

अगले सप्ताह से टीसीएस और इन्फोसिस सहित प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों की शुरुआत से पहले निवेशक सतर्क दिखे, जिससे बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार सपाट रहा।

शुरुआती बढ़त गंवाकर बाजार गिरावट के साथ बंद

वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजारों पर भारी दबाव देखा गया। डाओ जोन्स पर 500 अंकों की रेंज में कारोबार देखने को मिला।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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