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विजय चोपड़ा से जानें सेंसेक्स कब जायेगा 1 लाख के पार, इस साल निफ्टी की कैसी रहेगी दिशा?

भारतीय शेयर बाजार को लेकर एनॉक इंटरमीडियरीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी विजय चोपड़ा का नजरिया एक साल के लिए आशावाद का संकेत देता है। 

एनॉक इंटरमीडियरीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी विजय चोपड़ा के अनुसार, देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, खपत की कहानी कायम है और सरकार एवं रिजर्व बैंक द्वारा किये गये संरचनात्मक सुधार बाजार के लिए दीर्घकालिक सहारा प्रदान करते हैं। हालाँकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली, भू-राजनीतिक स्थिति और रुपये की कमजोरी अल्पकालिक दबाव बनाये रख सकती है।

विजय चोपड़ा के अनुसार, जून 2026 के अंत तक सेंसेक्स 88,000 और निफ्टी 27,000 के स्तर तक पहुँच सकता है। अगले 12 महीनों के लिए उनका आकलन और भी मजबूत है। दिसंबर 2026 तक वे सेंसेक्स को 90,000 और निफ्टी को 27,400 के स्तर पर देखते हैं। 

विजय चोपड़ा के अनुमान

सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026)

88,000

निफ्टी लक्ष्य (जून 2026)

27,000

सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026)

90,000

निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026)

27,400

2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1160

2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1200

2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि

0-10%

2025-26 में जीडीपी वृद्धि

6.7%

2026-27 में जीडीपी वृद्धि

6.8%

अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर

91-95

अमेरिका से ट्रेड डील कब तक

जून 2026

सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा

2027

 

विजय चोपड़ा मौजूदा समय में बाजार के सकारात्मक कारकों के रूप में मजबूत आर्थिक मूल तत्व, खपत आधारित माँग, आयकर एवं जीएसटी सुधार, आरबीआई की तरलता संबंधी पहल, एसएमई को बैंकों की बढ़ती ऋण आपूर्ति, घरेलू संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंड्स का समर्थन तथा कच्चे तेल की अपेक्षाकृत कम कीमतों को गिनाते हैं। नकारात्मक पक्ष पर वे विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली, भू-राजनीतिक तनाव, रुपये में कमजोरी, अमेरिकी शुल्क नीति, क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ते राजकोषीय घाटे को बाजार के लिए जोखिम मानते हैं।

वैश्विक बाजारों की तुलना में अगले 12 महीनों में वे भारतीय बाजार को मोटे तौर पर समान प्रदर्शन करने वाला आंकते हैं। विजय चोपड़ा के अनुसार आने वाले छह महीनों में बजट 2026-27 को वे बाजार के लिए सबसे निर्णायक कारक मानते हैं। अमेरिकी शुल्कों का असर उनके अनुसार भारतीय बाजार पर बड़ा नकारात्मक रहा है। उन्हें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

आगामी बजट से विजय चोपड़ा को कृषि सुधार, रोजगार सृजन पर केंद्रित पूँजीगत व्यय, विनिर्माण एवं रक्षा क्षेत्र को समर्थन तथा दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक पूँजीगत लाभ कर और एसटीटी में कटौती की अपेक्षा है। उनका मानना है कि बजट का असर बाजार पर हल्का सकारात्मक रहेगा। ब्याज दरों को लेकर उनका आकलन है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व दो बार और भारतीय रिजर्व बैंक दो से तीन बार दरों में कटौती कर सकता है। निजी पूँजीगत व्यय की बहाली को वे सरकारी सुधारों और कर सुधारों से जोड़कर देखते हैं।

वैश्विक स्तर पर ट्रंप शुल्क, रूसी कच्चे तेल की उपलब्धता और रुपये की स्थिरता भारतीय बाजारों को सबसे अधिक प्रभावित करने वाले कारक हो सकते हैं। विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर
उनका मानना है कि रुपये में स्थिरता आने पर ही एफपीआई और एफडीआई प्रवाह में सुधार संभव होगा।

अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर

तेजी वाले क्षेत्र : रक्षा, बिजली, अस्पताल, रसायन, ईवी तकनीक और दवा
कमजोर क्षेत्र : सौर ऊर्जा, तेल एवं गैस, धातु और रियल एस्टेट
5 पसंदीदा शेयर : बीईएल, सीएएमएस, कोल इंडिया, मिधानि, एचएससीएल और डेक्कन गोल्ड

(शेयर मंथन, 14 जनवरी 2026)

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