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सरकार ने चालू वित्त वर्ष के जीडीपी अनुमानों में किया इजाफा, 7.4% रह सकती है वृद्धि दर

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के जारी अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 7.4% की दर से बढ़ने का अनुमान है।

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर सामने आयी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की रिपोर्ट बताती है कि भारत की वृद्धि 2024-25 में दर्ज 6.5% की तुलना में ज्यादा मानी जा रही है। इन आंकड़ों के मुताबिक देश की आर्थिक रफ्तार फिर से मजबूत होती दिख रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025-26 में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) के 7.3% बढ़ने का अनुमान है। स्थिर कीमतों (2011-12) पर भारत की वास्तविक जीडीपी 2025-26 में बढ़कर 201.90 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में यह 187.97 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं, नाममात्र जीडीपी बढ़कर 357.14 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, जो पिछले वित्त वर्ष में 330.68 लाख करोड़ रुपये थी।

इस तेज आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा कारण सेवा क्षेत्र की मजबूत प्रदर्शन को माना जा रहा है। मैन्युफैक्चरिंग और निर्माण क्षेत्र में 7.0% की वृद्धि का अनुमान है, जबकि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में लगभग 3.1% की बढ़त देखने को मिल सकती है। बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं में अपेक्षाकृत कम, लगभग 2.1% की वृद्धि अनुमानित है। 

रिजर्व बैंक ने भी बढ़ाया अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी 2025-26 के लिए अपने जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 7.3% कर दिया है, जो पहले 6.8% था। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8% और जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2% की दर से बढ़ी थी। RBI के अनुसार, तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7% और चौथी तिमाही में 6.5% रह सकती है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के महीनों में घरेलू विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में कटौती और श्रम सुधारों पर जोर दिया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सरकार ने कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में टैरिफ घटाने वाले व्यापार समझौतों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का भी मानना है कि भारत आने वाले समय में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत स्थिति बनाये रखेगा।

(शेयर मंथन, 07 जनवरी 2026)

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