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बजट के तुरंत बाद RBI नीति बैठक में ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम : दीपक अग्रवाल

आगामी आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक यूनियन बजट के तुरंत बाद हो रही है और यह एक मजबूत घरेलू मैक्रो माहौल के बीच रखी गई है।

कोटक महिंद्रा AMC के CIO, दीपक अग्रवाल कहते है कि महंगाई दर लक्ष्य से नीचे बनी हुई है, आर्थिक विकास की रफ्तार बरकरार है, बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी सरप्लस है और सरकार ने वित्तीय अनुशासन व राजकोषीय समेकन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ऐसे में मौद्रिक नीति में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश कम दिखती है। हालांकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन भारत की तुलनात्मक रूप से मजबूत विकास दर, बाहरी मोर्चे पर सुधरती स्थिति और रिकॉर्ड स्तर के विदेशी मुद्रा भंडार आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) को मौजूदा रुख बनाए रखने का भरोसा देते हैं।

इसके अलावा अमेरिका द्वारा टैरिफ में नरमी, यूरोपीय संघ-भारत एफटीए जैसे कदम रुपये पर दबाव को कम कर सकते हैं। इससे आरबीआई को सिस्टम में टिकाऊ आधार पर पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने की गुंजाइश मिलेगी, जो हाल के समय में कुछ हद तक सीमित रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मौद्रिक नीति समिति के रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है। हालांकि आगे के संकेत (फॉरवर्ड गाइडेंस) हल्के नरम रुख वाले रह सकते हैं, जिसमें डेटा पर आधारित फैसलों पर जोर दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर विकास एवं महंगाई के संतुलन को देखते हुए नीति में बदलाव की गुंजाइश बरकरार रखी जाएगी।

(शेयर मंथन, 04 फरवरी 2026)

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