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जीरे में बढ़त के बाद बिकवाली का दबाव रहने की संभावना - एसएमसी

हल्दी वायदा (मई) की कीमतों के 8,200-8,500 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है। अधिक आयात की संभावनाओं के बीच कीमतों में नरमी का रुझान है।

कॉटन की कीमतों में लगातार तीसरे सप्ताह वृद्धि की उम्मीद - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों में लगातार तीसरे सप्ताह वृद्धि की उम्मीद है और कीमतें 22,500-22,700 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है। अगले पफसल वर्ष (जुलाई 2021-जून 2022) में कपास के उत्पादन क्षेत्र की संभावनाओं पर अपने दृष्टिकोण को लेकर कपास उद्योग विभाजित है।

सरसों में तेजी, सीपीओ में 1,110-1,170 रुपये के दायरे में स्थिर रहने की उम्मीद - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

घरेलू बाजारों में कम आवक और प्रमुख आयात करने वाले देशों से सोयामील की माँग के कारण राष्ट्रीय एक्सचेंज में सोयाबीन वायदा की कीमतों में एक तरफा तेजी देखी जा रही है और अब मई वायदा की कीमतों के 6,600-6,700 रुपये तक बढ़त दर्ज करने की उम्मीद है।

हल्दी की कीमतों में 7,800-8,800 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

हल्दी वायदा (मई) की कीमतों के 7,800-8,800 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। अधिक आयात की संभावनाओं के बीच कीमतों में नरमी का रुझान है।

ग्वारसीड में मजबूती, चने की कीमतों में तेजी का रुझान - एसएमसी

कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद है और कीमतें 22,100-22,200 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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