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शेयर बाजार को मोदी सरकार पर कितना भरोसा, देखें क्या है सिद्धार्थ रस्तोगी की राय

Expert Siddharth Rastogi: बाजार में हमें दो कारणों से भरोसा दिख रहा है। एक तो विदेशी निवेश के रूप में पूँजी का आगमन है। दूसरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में भी पिछले दोनों कार्यकाल की तरह कल्‍याणकारी योजनाएँ और सुधार के प्रयास जारी रहने की उम्‍मीद हो सकती है। लेकिन कई दिनों से मिडकैप और स्‍मॉलकैप में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

Midcap-Smallcap Analysis: मिडकैप और स्मॉलकैप में आगे क्‍या करें निवेशक

Expert Shomesh Kumar: अभी मिडकैप और स्‍मॉलकैप में कोई नई खरीदारी नहीं करनी चाह‍िए। अगर इसमें करेक्‍शन नहीं होता है, तो मुनाफावसूली कीजिये नई खरीदारी नहीं। ये दोनों सूचकांक में अगर 5% का करेक्‍शन आता है, तो चुनिंदा क्षेत्रों में क्षेत्रों में ट्रेडिंग के लिए थोड़ी सी जगह बनेगी। मिडकैप में मौजूदा स्‍तर से 53000 तक सूचकांक जायेगा और उसके बाद 60000 के लिए चाल शुरू होगी।

क्या शेयर बाजार में बन रहा है खतरा, चले जायें सुरक्षित शेयरों में? सिद्धार्थ रस्तोगी से बातचीत

शेयर बाजार में नये रिकॉर्ड बन रहे हैं, पर क्या इसके साथ कोई खतरा भी बन रहा है? क्या कहीं मुनाफावसूली करने की जरूरत है? क्या अपने पैसे को सुरक्षित शेयरों में ले जाना अभी बेहतर है?

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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