शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

हफ्ते के अंतिम दिन बाजार फिर लाल, सेंसेक्स (Sensex) 258 अंक नीचे

कंपनियों के अब तक के तिमाही नतीजों से नाखुश निवेशकों ने शुक्रवार को भी बिकवाली पर जोर दिया, जिससे शेयर बाजार में कल की गिरावट के बाद आज फिर कमजोरी रही।

हफ्ते के अंतिम दिन बाजार लाल, निफ्टी 50 गिर कर 7800 के नीचे बंद

दीपावली के मुहुर्त कारोबार में भारतीय बाजार को मिली बढ़त और गोवर्धन पूजा की छुट्टी के बाद शुक्रवार को बाजार ने कमजोर शुरुआत की और पूरे दिन लाल निशान में ही चलता रहा।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद

एक्शन के लिहाज से यह हफ्ता काफी दिलचस्प रहा। एलआईसी के आईपीओ के खुलने से लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रेपो रेट में सरप्राइज बढ़ोतरी भी कम दिलचस्प नहीं रहा। वहीं यूएस फेड ने भी इसी हफ्ते ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था। कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार की कमजोरी के साथ शुरुआत हुई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।

हफ्ते के आखरी दिन फिसले एशियाई बाजार

कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती सत्र के दौरान कमजोरी दिख रही है।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार जबरदस्त तेजी के साथ बंद

वैश्विक बाजारों से हल्के मजबूत संकेत देखने को मिले। हालाकि सुबह 6:30 बजे एसजीएक्स (SGX) निफ्टी 150 अंकों से ज्यादा की मजबूती के साथ खुला। यहीं नहीं एशिया के दूसरे बाजारों में भी खरीदारी देखी गई। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा। बाजार की आज मजबूत शुरुआत हुई।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख