शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

मौजूदा बाजार की संरचना अस्थिरतापूर्ण, स्तर आधारित कारोबार उचित : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार (12 अगस्त) को बेंचमार्क सूचकांक में कारोबारी सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी में जहाँ 21 की गिरावट रही, वहीं सेंसेक्स 57 अंक टूट कर बंद हुआ। 

मौजूदा स्तरों के आसपास कंसोलिडेट कर सकता है निफ्टी, पीएमआई आँकड़ों पर रहेगी नजर : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 22912 (0.1%) के स्तर पर बंद हुआ।

मौद्रिक नीति (Monetary Policy) से ठीक पहले बाजार लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार आज सोमवार 28 सितंबर को दिन भर एक दायरे के अंदर सपाट रुझान के साथ चलता रहा, मगर आखिरी घंटों में फिसल कर नुकसान के साथ बंद हुआ।

मौजूदा स्तरों से अपट्रेंड जारी रहने का संकेत, अहम स्तर पार करना जरूरी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार (06 फरवरी) को प्रमुख सूचकांक में तीव्र उछाल के साथ निफ्टी 167 अंक और सेंसेक्स 454 अंक जोड़ कर बंद हुए। 

मौद्रिक नीति समिति की बैठक से पहले बाजार में सकारात्मक रुख

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के परिणामों से पहले बुधवार के शुरुआती कारोबार में बाजार मजबूत स्थित में है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख