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शेयर बाजार

कच्चे तेल में भारी गिरावट से सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार फिसला

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी का रुझान बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आने से खास तौर पर ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी रही, जिससे बाजार पर दबाव बना। 

बाजार में हफ्ते की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स (Sensex) 108 अंक गिरा

सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में हल्की गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही बाजार में लगातार चौथे दिन कमजोरी का सिलसिला जारी रहा।

बाजार फिर फिसला, निफ्टी 50 (Nifty 50) 7800 के नीचे बंद

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन कमजोरी का माहौल रहा। खराब वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय बाजार गिरावट के साथ खुला और पूरे सत्र में दबाव में ही रहा।

अमेरिकी दरें बढ़ने की संभावना से बाजार सहमा, सेंसेक्स 26,000 के नीचे

बुधवार की हल्की गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी बढ़ गयी। दरअसल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से दिसंबर में ही ब्याज दरें बढ़ाये जाने के पुख्ता संकेत दिये जाने के बाद वैश्विक बाजारों में घबराहट दिखी, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

बाजार लाल निशान में, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार दिनों चल रही बढ़त का सिलसिला आज थमा और इसके प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।

बाजार फिर अटका दायरे में, सेंसेक्स 24 अंक चढ़ कर बंद

भारतीय शेयर बाजार आज दिन भर एक सीमित दायरे में अटका रहा और अंत में सपाट रुझान के साथ हल्की बढ़त पर बंद हुआ।

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    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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