शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

तेज शुरुआत के बाद भारतीय बाजार लाल निशान में

आज सुबह भारतीय बाजार तेजी के साथ शुरुआत करने के बाद ज्यादा देर तक हरे निशान में टिक नहीं पाया। इसके बाद से ही यह एक सीमित दायरे में घटता बढ़ता नजर आ रहा है।

बुधवार को अमेरिकी बाजार घाटे पर बंद, आज एशिया में मिला-जुला रुख

चीन का बाजार के बुरी तरह टूटने के बाद कल अमेरिकी शेयर बाजार भी भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। आंतरिक तकनीकी कारणों से अमेरिका का न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) बुधवार को 3 घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद हो गया।

भारतीय बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स (Sensex) 484 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार आज दिन भर मंदी में कारोबार करने के बाद सत्र के अंत में भी गिरावट के साथ ही बंद हुआ। चीन के बाजार में ऑटो बिक्री में गिरावट की रिपोर्ट का असर भारतीय बाजार पर साफ देखने को मिला।

जैन इरीगेशन (Jain Irrigation) में खरीद की सलाह

हाल ही में पेश प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 500 अरब रुपये खर्च किये जाने की सरकार की घोषणा से जैन इरीगेशन (Jain Irrigation) को उसके बाजार सूचना व्यवसाय (एमआईएस) और पाइपिंग व्यवसायों में भारी लाभ होने की उम्मीद है।

टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शेयर में 7% तक की गिरावट

tata motors logoटाटा मोटर्स के शेयर में आज 7% तक की भारी गिरावट आयी है। विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में ऑटो बिक्री में मंदी की चिंता के चलते ये गिरावट आयी है।

आयात पर रोक के चलते ल्यूपिन (Lupin) के शेयर 2% फिसले

ल्यूपिन (Lupin) के शेयर में बुधवार को 2% की गिरावट आयी। ब्राजील के दवा नियामक अनविसा (ANVISA) ने इस कंपनी द्वारा उत्पादित सक्रीय सामग्री के आयात पर रोक लगा दी है।

Page 1149 of 1891

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख