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Economic Survey 2022-23 : कोरोना महामारी के असर से बाहर आया देश, 7% रहेगी आर्थिक विकास दर

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का आर्थिक सर्वे मंगलवार 31 जनवरी को सदन में पेश किया। आर्थिक सर्वे में उम्मीद जताई गयी है कि देश की अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के असर से मुक्त हो चुकी है। यही वजह है कि भारत की अर्थव्यवस्था ने 2022 में दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा तेजी से पहले की स्थिति में वापसी की है।

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (Green Hydrogen Mission) से क्या शुरू होगी ऊर्जा क्रांति : Narendra Taneja से बातचीत

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 19,744 करोड़ रुपये के आरंभिक खर्च के साथ नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) को स्वीकृति दी है।

नवंबर में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 28 फीसदी का उछाल

नवंबर में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 28 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है। बिक्री में वृद्धि की वजह यूटिलिटी गाड़ियों के अलावा कारों की जबरदस्त मांग रही।

भारतीय रिजर्व बैंक का रेपो रेट 0.35% बढ़ाने का ऐलान

 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में 0.35% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस नई बढ़ोतरी के बाद अब रेपो रेट 5.90% से बढ़कर 6.25% हो गया है।

 

दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर घट कर 6.3%, अनुमानों के अनुरूप ही

वित्त-वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर महीनों के दौरान भारत की विकास दर या जीडीपी वृद्धि दर घट कर 6.3% पर आ गयी है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने आज दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी के आँकड़े जारी किये।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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