शेयर मंथन में खोजें

कंपनियों की सुर्खियाँ

इन्फोसिस दूसरी तिमाही नतीजे : पिछले साल के मुकाबले 11% बढ़ा मुनाफा

आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इनफोसिस ने गुरुवार (13 अक्टूबर) को बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसके कन्सोलिडेटेड आय में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 23.4% का इजाफा हुआ है। कंपनी की आय 23.4% बढ़कर 36,538 करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान उसका शुद्ध मुनाफा भी 11% बढ़ गया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 16.50 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश (डिविडेंड) देने की भी घोषणा की है।

कैबिनेट से सरकारी तेल कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक मदद को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सरकारी तेल कंपनियों को राहत देने के फैसले को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

दूसरी तिमाही में विप्रो के मुनाफे में 9.3 फीसदी की गिरावट

आईटी सर्विस की दिग्गज कंपनी विप्रो के मुनाफे में 9.3 फीसदी की गिरावट आयी है। दूसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में गिरावट की वजह कर्मचारियों के खर्च के अलावा अमेरिकी कारोबार से कमाई में गिरावट रही।

दूसरी तिमाही में एचसीएल (HCL) का मुनाफा 7 फीसदी से बढ़ा

आईटी सर्विसेज कंपनी एचसीएल (HCL) टेक्नोलॉजीज का दूसरी तिमाही में मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 7 फीसदी से बढ़ा है। कंपनी का मुनाफा 7 फीसदी बढ़कर 3,489 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है।

टेवाफार्मा के फॉर्मूलेशन कारोबार का अधिग्रहण करेगी मार्कसंस

मार्कसंस फार्मा का फोकस कारोबार विस्तार पर है। इसी कड़ी में कंपनी टेवाफार्मा के फॉर्मूलेशन कारोबार का अधिग्रहण करने जा रही है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख