शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

टैरिफ घोषणाओं के बाद आरबीआई की मौद्रिक नीति पर रहेगा बाजार का ध्यान : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक अमेरिका द्वारा भारत समेत 180 देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में तीखी गिरावट के परिणामस्वरूप निफ्टी 50 गैप डाउन (180 अंक) के साथ खुला। 

बाजार में तेजी को मिल रहा समर्थन, जारी रह सकती है पुलबैक संरचना : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार को मानक सूचकांक में तेजी के साथ सुधार देखा गया, जिसके बाद निफ्टी 167 अंक, जबकि सेंसेक्स 593 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुए। 

Gift Nifty में नरमी, भारतीय बाजार में आज दिख सकता है सुस्त कारोबार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (03 अप्रैल) को कारोबार की सुस्त शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में आज सुबह 8.10 बजे के आसपास 44.00 अंकों की नरमी नजर आ रही है और ये 0.19% की सुस्ती के साथ 23,184.50 के स्तर के आसपास  मंडरा रहा है।   

टैरिफ घोषणाओं पर प्रतिक्रिया देंगे बाजार, कल अस्थिरता रहने का अनुमान : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक मानक सूचकांक निफ्टी 50 2 दिनों की सुस्ती के बाद वापसी करते हुए 0.7% की तेजी के साथ 23,332 के स्तर पर बंद हुआ। 

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख