शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

तेजी की कैंड‍ल और हायर बॉटम की संरचना तेजी जारी रहने का दे रही संकेत : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार को बेंचमार्क सूचकांकों ने सकारात्‍मक गत‍ि जारी रखी, साथ ही निफ्टी 206 अंक ऊपर, जबकि सेंसेक्स 632 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ।

हरे न‍िशान में Gift Nifty, बढ़त के साथ खुल सकते हैं भारतीय बाजार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (30 जनवरी) को मासकि वायदा निप्‍टान के दिन बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 41.00 अंकों की तेजी दिखायी दे रही है और ये 0.18% की उछाल के साथ 23,279.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

अमेरिकी फेड की बैठक और लार्सन-बीईएल के तिमाही नतीजों पर रहेगी बाजार की नजर : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक ब्याज दरों पर अमेरिकी फेड के आज आने वाले फैसले और शनिवार को पेश होने से वाल केंद्रीय बजट से पहले आईटी और वित्तीय स्टॉक में तेजी से प्रेरित निफ्टी 206 अंकों की उछाल के साथ 23163 के स्तर पर बंद हुआ।  

तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता, अहम स्तरों पर रखें नजर : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार को बेंचमार्क सूचकांकों पर अस्थिर कारोबारी सत्र देखने को मिला। उतार-चढ़ाव वाले कारोबार के बाद निफ्टी 128 अंक ऊपर, जबकि सेंसेक्स 535 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। 

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख