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Gift Nifty में मामूली सुस्ती, भारतीय बाजार में नरमी के साथ हो सकती है कारोबार की शुरुआत

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (29 जनवरी) को सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 11.00 अंकों की मामूली नरमी दिखायी दे रही है और ये 0.05% के अंतर के साथ 23,147.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

केंद्रीय बजट और अमेरिकी फेड की बैठक से पहले सीमित दायरे में कारोबार करेगा बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा के बाद बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बढ़त आयी जिससे फरवरी में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गयी और निफ्टी 50 0.6% बढ़कर 22,972 के स्तर पर बंद हुआ।  

बाजार में लोअर टॉप की संरचना, अहम स्तरों को समझकर लें निर्णय : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक तकनीकी नजरिये से देखें तो बाजार में ऊपरी स्तरों पर निरंतर बिकवली का दबाव बना हुआ है और दैनिक चार्ट पर लोअर टॉप की संरचना बनी है, जो कि नकारात्मक है। 

हरे निशान में Gift Nifty, भारतीय बाजार में आज हो सकता है सर्तक काराेबार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (28 जनवरी) को कारोबार की सतर्क शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 18.50 अंकों की तेजी दिखायी दे रही है और ये 0.08% के अंतर के साथ 22,939.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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