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बाजार में बिकवाली का दबाव कायम, लोअर टॉप की संरचना दे रही नकारात्‍मक संकेत : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक पिछले हफ्ते बेंचमार्क सूचकांक में ऊपरी स्‍तरों पर बिकवली का दबाव बना रहा। निफ्टी 0.49% नीचे रहा जबकि सेंसेक्स में 405 अंकों की गिरावट आयी। 

Gift Nifty में बड़ी गिरावट, भारतीय बाजार में गैप डाउन शुरुआत के आसार

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार (27 जनवरी) को कारोबार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 136.50 अंकों का नुकसान दिखायी दे रहा है और ये 0.59% की गिरावट के साथ 22,949.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

कुछ अस्थिरता के साथ बड़े दायरे में रहेंगे बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई)  की लगातार बिकवाली और दिसंबर तिमाही में कंपनियों की निराशाजनक आय के बीच निफ्टी 113 अंकों (0.5%) की गिरावट के साथ 23,092 के स्तर पर बंद हुआ। 

दैनिक चार्ट पर बनी वापसी की संरचना तेजी आगे जारी रहने का दे रही संकेत : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक निफ्टी वायदा के साप्ताहिक निप्टान के दिन बेंचमार्क सूचकांकों में सकारात्मक गति जारी रही, जिससे निफ्टी 50 अंक ऊपर जबकि सेंसेक्स 115 अंक बढ़ गया। 

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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