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हरे निशान में Gift Nifty, तेजी के साथ कारोबार शुरू कर सकते हैं भारतीय बाजार

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (22 जनवरी) को हरे निशान में कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.05 बजे के आसपास 23.00 अंकों की बढ़त दिखायी दे रही है और ये 0.10% के अंतर के साथ 23,172.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

दिग्गजों के तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर, निकट समय में दबाव में रहेंगे बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक विदेशी निवेशकों द्वारा निरंतर बिकवाली, डॉनल्ड ट्रंप की शुल्क नीति पर अनिश्चितता और कई कंपनियों के अनुमान से कम तिमाही नतीजों से निफ्टी 320 अंकों की गिरावट के साथ 23025 (1.4%) के स्तर पर बंद हुआ। 

बाजार में बनी हायर बॉटम की संरचना, अभी जारी रह सकती है तेजी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार को बेंचमार्क सूचकांकों में सकारात्मक गति देखने को मिली, इसके साथ ही निफ्टी 142 अंक ऊपर जबकि सेंसेक्स 454 अंकों बढ़ गये। 

Gift Nifty में नरमी, भारतीय बाजार में सुस्ती के साथ हो सकता है कारोबार की शुरू

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (21 जनवरी) को लाल निशान में कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 64.00 अंकों की नरमी दिखायी दे रही है और ये 0.27% की सुस्ती के साथ 23,420.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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