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बड़े दायरे में रहेगा बाजार, तीसरी तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक आज देर शाम ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह से पहले मजबूत वैश्विक संकेतों और तीसरी तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के बाद कोटक महिंद्रा बैंक और विप्रो में तेज उछाल के कारण निफ्टी 142 अंकों (0.6%) की बढ़त के साथ 23,345 के स्तर पर बंद हुआ। 

अहम स्तर बतायेंगे बाजार में थमेगी गिरावट और आयेगी तेजी या अभी रहेगा कंसोलिडेशन : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बीते हफ्ते बेंचमार्क सूचकांकों में अस्थिरता देखने को मिली थी। उतार-चढ़ाव भरे दौर के बाद निफ्टी 0.97% नीचे आ गया, जबकि सेंसेक्स 760 अंक नीचे आ गया।

Gift Nifty समेत दुनियाभर के बाजारों में तेजी, हरे निशान में खुल सकते हैं भारतीय बाजार

भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार (20 जनवरी) को हरे निशान में कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.05 बजे के आसपास 14.50 अंकों की बढ़त दिखायी दे रही है और ये 0.06% के अंतर के साथ 23,290.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

बाजार में रहेगी तेजी या मंदी, जानने के लिए अहम स्तरों पर रखें नजर : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार को बेंचमार्क सूचकांकों में सकारात्मक गति देखने को मिली। निफ्टी 99 अंक ऊपर और सेंसेक्स 318 अंकों की तेजी के साथ बंद हुए। 

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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