शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

कमजोर नतीजों से मारुति के शेयर पर दिखा दबाव, दूसरी तिमाही में मुनाफा 17.4% गिरा

देश की सबसे बड़ी पैसेंजर कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी ने कल दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। मुनाफे और मार्जिन के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन के कारण शेयर पर दबाव दिखा।

दीवाली बाद शुरू होगा तिमाही नतीजों का दूसरा दौर, कंसोलिडेट कर सकते हैं बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक बुधवार (30 अक्तूबर) को निफ्टी लाल निशान में खुला और पूरे सत्र के दौरान सतर्क रहते हुए 126 अंकों (0.50%) के नुकसान के साथ 24,341 के स्तर पर बंद हुआ। 

बाजार में बनी है पुलबैक की संरचना, अहम स्तरों को समझ कर सौदे लें कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बेंचमार्क सूचकांक में मंगलवार (29 अक्तूबर) को विभिन्न क्षेत्रों में पीएसयू बैंक सूचकांक का शानदार प्रदर्शन रहा और इसमें 3% से अधिक की उछाल आयी, जबकि ऑटो और फार्मा सूचकांक 1% से ज्यादा टूट गये। 

Sensex-Nifty में आज भी नरमी में कारोबार की शुरुआत के संकेत, गिफ्ट निफ्टी में सुस्ती

भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी सत्र की शुरुआत बुधवार (30 अक्तूबर) को भी नरमी के साथ हो सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.05 बजे के आसपास 4.50 अंकों की मामूली सुस्ती दिखायी दे रही है और ये 0.02% के नुकसान के साथ 24,573.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख