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बाजार में निचले स्तर से शानदार रिकवरी, निफ्टी 128, सेंसेक्स 364 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजारों से अच्छे संकेत देखने को मिले। लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद डाओ जोंस में उछाल दिखा। डाओ जोंस कल 275 अंक चढ़ कर बंद हुआ। नैस्डेक ने फिर नया रिकॉर्ड स्तर छुआ। यूरोप के बाजारों में 0.5-0.75% तक की तेजी देखने को मिली। गिफ्ट निफ्टी की करीब 50 अंकों की तेजी के साथ शुरुआत हुई।

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले अनिश्चितता के बीच दायरे में रह सकते हैं बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक मंगलवार (29 अक्तूबर) को निफ्टी दूसरे कारोबारी सत्र में भी निचले स्तर से पुलबैक जारी रखने में सफल रहा।

24500 पार करने के बाद ही बनायें लॉन्ग पोजीशन, इसके ऊपर पुलबैक रैली के आसार : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बीते 19 दिनों से चल रहे गहन करेक्शन के बाद बेंचमार्क सूचकांक में सोमवार (28 अक्तूबर) को पुलबैक रैली देखने को मिली। इसके साथ ही निफ्टी 159 अंक चढ़ गया, जबकि सेंसेक्स में 603 अंकों की उछाल आयी। 

Sensex-Nifty में आज दिख सकती है नरमी, लाल निशान में गिफ्ट निफ्टी

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (29 अक्तूबर) को नरमी के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.05 बजे के आसपास 58.00 अंकों की सुस्ती दिखायी दे रही है और ये 0.24% के नुकसान के साथ 24,496.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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