शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

अस्थिरता के बीच बाजार में जारी रह सकती है सकारात्मक तेजी : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक शुक्रवार (24 मई) को निफ्टी के 23026 के स्‍तर पर नया श‍िखर छूने के बाद भारतीय शेयर बाजार ऊपरी स्‍तरों पर कंसाेलिडेट करते नजर आये।   

Sensex-Nifty में हो सकती है बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत, गिफ्ट निफ्टी में तेजी

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के अंतिम दिन शुक्रवार (24 मई) को तेजी के साथ कारोबार देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.20 बजे के आसपास 21.00 अंकों की बढ़त दिखायी दे रही है और ये 0.09% की तेजी के साथ 22,981.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

बाजार में जारी रह सकती सकारात्‍मक तेजी, स्‍तरों को समझें कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार (23 मई) को सकारात्‍मक एकदिनी रैली के बाद बेंचमार्क सूचकांक ने 22993.60/75499.91 का नया रिकॉर्ड स्‍तर छुआ। निफ्टी 355 अंक, जबकि सेंसेक्स 1197 अंक जोड़ कर बंद हुए। 

बीएसई के बाद एनएसई की भी बाजार पूँजी पाँच लाख करोड़ डॉलर के पार

भारतीय शेयर बाजार में बीएसई के बाजार पूँजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) ने 21 मई 2024 को पहली बार 5 लाख करोड़ (ट्रिलियन) अमेरिकी डॉलर का आँकड़ा छू लिया। दो दिन बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की बाजार पूँजी भी इस ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गयी।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख