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Sensex Nifty में कारोबार की धीमी शुरुआत के संकेत, गिफ्ट निफ्टी में तेजी

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार (02 मई) को कारोबार धीमी शुरुआत देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी में आज सुबह 8.10 बजे के आसपास 75.50 अंकों की तेजी नजर आ रही है और ये 0.31% की वृद्धि के साथ 24,442.00 के स्तर के आसपास  मंडरा रहा है।   

तिमाही नतीजों से प्रेरणा लेंगे बाजार, सीमित दायरे में रहने का अनुमान : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विस

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक निफ्टी ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कंसोलिडेशन को आगे बढ़ाया, अमेरिका के प्रमुख आर्थिक आँकड़े (पहली तिमाही के जीडीपी और मार्च के लिए खुदरा मुद्रास्फीति आँकड़े) आने से पहले 24,334 के स्तर पर सपाट बंद हुआ। 

प्रतिरोध स्तर के करीब मंदी की कैंडल दे रही अनिश्चितता का संकेत, अहम स्तरों पर नजर रखें : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार को मानक सूचकांकों में सीमित दायरे में कारोबार सत्र देखने को मिला। निफ्टी अपरिवर्तित रहा, जबकि सेंसेक्स 70 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। 

Sensex Nifty में सपाट कारोबार के संकेत, गिफ्ट निफ्टी में गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (30 अप्रैल) को सपाट कारोबार देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी में आज सुबह 8.10 बजे के आसपास 154.00 अंकों की गिरावट नजर आ रही है और ये 0.63% के नुकसान के साथ 24,324.00 के स्तर के आसपास  मंडरा रहा है।   

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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