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सोयाबीन में तेजी का रुझान, सरसों के सीमित दायरे में रहने की संभावना - एसएमसी

सोयाबीन वायदा (अप्रैल) की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 3,950 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के रुझान और कम आपूर्ति के कारण देश के प्रमुख बाजारों में सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बेहतर खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंदौर बाजार में सोयाबीन की कीमतें 125 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 3,675-3,875 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम के दायरे में हैं। किसानों द्वारा बिकवाली कम किये जाने के कारण बाजारों में आवक कम हो रही है और वे शेष बचे स्टॉक के लिए 4,000 रुपये 100 किलो ग्राम पर नजर जमाये हुए हैं। रिफाइंड सोया तेल वायदा (अप्रैल) की कीमतें 780-785 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार कर सकती हैं। इसका कारण यह है कि सोया तेल की खरीदारी उत्साहजनक नही है, जिससे किसी बड़ी बढ़त पर रोक लगने की संभावना है।
सीपीओ वायदा (अप्रैल) की कीमतें 650-656 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार कर सकती हैं। घरेलू माँग अधिक होने के कारण कांडला बंदरगाह पर आरबीडी पॉमोलीन की कीमतें 7 रुपये की बढ़त के साथ 720 रुपये प्रति 10 किलो ग्राम के स्तर पर पहुँच गयी हैं। इसके अतिरिक्त बंदरगाहों पर पॉम ऑयल का स्टॉक भी कम है, इसलिए विक्रेता अधिक कीमतों की उम्मीद कर रहे हैं। सरसों वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 4,020-4,075 के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है। किसानों की ओर से कम बिकवाली के कारण निकट भविष्य में सरसों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से स्टॉकिस्ट सरसों की खरीदारी कर रहे हैं। राज्य सरकारों द्वारा सरसों खरीद की घोषणा के बाद किसानों ने निजी कारोबारियों का सरसों बेचना बंद कर दिया है और सरकारी एजेंसियों को ही अपना उत्पाद बेचना चाहते हैं। नाफेड ने पिछले शुक्रवार को राजस्थान और हरियाणा में 9,160 टन सरसों की खरीदारी की है। (शेयर मंथन, 03 अप्रैल 2018)

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