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चने में नरमी का रुझान, कपास में हो सकती है वृद्धि - एसएमसी

चना वायदा (मई) कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 3,720-3770 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
मिलों की ओर से सुस्त खरीदारी के कारण हाजिर बाजारों में चने की कीमतों में गिरावट हुई है। घरेलू और निर्यात माँग के कमजोर रहने के कारण इंदौर बाजार में काबुली चना की कीमतों में 50 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम की गिरावट हुई है। मध्य प्रदेश में काबुली चना की आवक लगभग 35,000 बैग प्रति 100 किलो ग्राम आवक हो रही है।
एमसीएक्स में कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतें 20,590 रुपये के स्तर पर सहारे के साथ 20,800-20,900 रुपये तक चढ़ सकती हैं। आगामी दिनों में कपास के अधिक निर्यात की संभावना से कीमतों को मदद मिल सकती है। बांग्लादेश, पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों से ताबड़तोड़ माँग के कारण मौजूदा कपास सीजन 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में भारत से कुल 65-70 लाख बेल कपास का निर्यात होने का अनुमान है। इसके पहले जनवरी में भारतीय कपास संगठन ने 55 लाख बेल कपास के निर्यात होने का अनुमान लगाया था। कॉटन सीड ऑयल केक (मई) की कीमतों को 1,390 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है और कीमतों की गिरावट पर रोक लग सकती है। बेंचमार्क कड़ी बाजार में कॉटन सीड ऑयल केक की कीमतें 20 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,430 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम हो गयी हैं। इसी तरह अकोला में कीमतें 10 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,410 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम हो गयी हैं। स्थानीय बाजारों में कपास की आवक कम हो रही है जिससे कपास के बीजों की उपलब्धता कम होने की संभावना है। मिलें कपास के बीजों के लिए अधिक कीमतें माँग रही है, जिससे कॉटन सीड ऑयल केक  की कीमतों को मदद मिलने की संभावना है। (शेयर मंथन, 11 अप्रैल 2018)

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