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चने में सुस्ती, कपास में हो सकती है वृद्धि - एसएमसी

चना वायदा (मई) कीमतों के 3,750-3,800 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
मिलों की ओर से कम कारोबार के कारण बुधवार को हाजिर बाजारों में चना की कीमतों में मिला-जुला रुझान है। अकोला, जलगांव, इंदौर, रायपुर और कुर्नूल के बाजारों में 25-75 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। कम कीमतों पर खरीदारी के कारण मुंबई और मुंद्रा बंदरगाहों पर आस्ट्रेलिया के चने की कीमतें 25 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 3,650-3,675 रुपये और 3,700-3,725 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम हो गयी हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने चना की खरीदारी को 9 जून तक के लिए बढ़ा दिया है।
कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों में 20,720 रुपये के स्तर पर सहारे के साथ 20,900 रुपये तक बढ़त दर्ज किये जाने की संभावना है। आगामी दिनों में कपास के अधिक निर्यात की संभावना से कीमतों को मदद मिल सकती है। भारतीय कपास संगठन के अनुसार मौजूदा कपास सीजन 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में भारत से कुल 65-70 लाख बेल कपास का निर्यात होने का अनुमान है। इसके पहले जनवरी में भारतीय कपास संगठन ने 55 लाख बेल कपास के निर्यात होने का अनुमान लगाया था।
कॉटन सीड ऑयल केक (मई) की कीमतों को 1,385 के स्तर पर सहारा रह सकता है और गिरावट पर रोक लग सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण ग्वार समूह की कीमतों में वापसी बरकरार रह सकती है। सीरिया पर सैन्य हमले की आशंका से विश्व बाजार में तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। (शेयर मंथन, 12 अप्रैल 2018)

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