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कॉटन में बरकरार रहेगी बिकवाली, चने के लिए है बाधा - एसएमसी

कॉटन वायदा (जनवरी) में बिकवाली जारी रह सकती है। कॉटन की कीमतें 20,500 रुपये तक लुढ़क सकती हैं।
अमेरिकी बाजार में कपास की कीमतों में गिरावट और कपास धागों की मांग में कमी के कारण मिलें या तो इंतजार कर रही है या केवल आवश्यकतानुसार ही खरीदारी कर रही हैं। इसके अतिरिक्त मौजूदा कपास सीजन में 10 दिसंबर तक पिछले वर्ष समान अवधि में 3.9 लाख बेल की तुलना में 98,900 बेल कपास की खरीदारी के कारण भी कीमतों को मदद नहीं मिल रही है। चीन की ओर से खरीदारी नही किये जाने के संकेत के कारण विदेशी कपास बाजारों में भी उत्साह नहीं है।
ग्वारसीड वायदा (जनवरी) की कीमतों के ऊपर के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतें 4,250-4,350 रुपये के दायरे में रह सकती हैं, जबकि ग्वारगम वायदा (जनवरी) की कीमतें 8,500-8,600 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं होने की उम्मीद से पेराई मिलों ने कुछ अच्छा करार किया था, लेकिन अब तेल की कीमतों में लगातार नरमी के रुझान के कारण सेंटीमेंट बाधित हुआ है। अमेरिका की तेल कंपनियों द्वारा ग्वारगम के सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल किये जाने के कारण ग्वारगम की माँग नहीं हो रही है, जबकि स्टॉकिस्ट ग्वार की खरीदारी नही कर रहे हैं क्योंकि उनके पास पहले से ही काफी स्टॉक है।
चना वायदा (जनवरी) की कीमतों को 4,560 रुपये पर अड़चन रह सकती है। नाफेड द्वारा खरीदे गये स्टॉक की मौजूदा कीमतों पर बिक्री से कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। नाफेड के पास मध्य प्रदेश में 15,68,430.52 टन, राजस्थान में 5,17,725.77 टन, कर्नाटक में 41,764 टन और तेलंगाना में 10,871 टन दाल है। (शेयर मंथन, 24 दिसंबर 2018)

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