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कपास पर दबाव, ग्वारसीड में गिरावट की संभावना - एसएमसी

कॉटन वायदा (अगस्त) में शॉर्ट कवरिंग (जवाबी खरीद) को 20,110 रुपये के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार आईसीई में कपास की कीमतों में नरमी के रुझान पर घरेलू कपास की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। आईसीई में कॉटन के दिसंबर वायदा की कीमतें 0.19% की गिरावट के साथ साढ़े 3 साल के निचले स्तर 58.29 सेंट प्रति पाउंड के करीब कारोबार कर रही हैं। चीन और अमेरिका के बीच गहराते व्यापार विवाद के कारण कीमतों पर दबाव है। चीन द्वारा यूएस कॉटन की माँग ट्रम्प के उस बयान के बाद घटती दिखायी दे रही है, जिसके अनुसार 1 सितंबर से चीन से आयातित 300 अरब डॉलर के माल और उत्पादों पर 10% का अतिरिक्फ शुल्क शुरू हो जायेगा। घरेलू स्तर पर मॉनसून में देरी और कॉटन सीड की अधिक कीमतों के कारण मध्य भारत में कपास का बुआई क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में 5% अधिक है।
ग्वारसीड वायदा (सितंबर) की कीमतों में 4,280-4,250 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है। उत्पादन क्षेत्रों में बारिश में तेजी के बाद बुवाई को बढ़ावा मिला है और चालू खरीफ मौसम में बेहतर उत्पादन की संभावनाएँ बढ़ गयी हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश से उन क्षेत्रों में बुवाई को बढ़ावा मिलेगा, जहाँ किसानों को ग्वार का रकबा बढ़ने की संभावना है जो अब तक कम बारिश के कारण पिछड़ रहे हैं। राजस्थान के कृषि विभाग के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, इस सीजन में 31 जुलाई तक 1451.50 हजार हेक्टेयर में ग्वार की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इस दौरान 2612.3 हजार हेक्टेयर में हुई थी।
इस सीजन में कम बुआई की खबरों के कारण कैस्टरसीड वायदा (सितंबर) की कीमतों के 5,580-5,655 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। मॉनसून में प्रगति के कारण गुजरात में कैस्टर की बुवाई का क्षेत्र 1,10,500 हेक्टेयर हो गया है लेकिन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 26% कम है। (शेयर मंथन, 07 अगस्त 2019)

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