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सोयाबीन, सरसों और सोया तेल में सुस्ती के संकेत - एसएमसी

सोयाबीन वायदा (सितंबर) की कीमतों के 3,620 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

सांगली जिले में और उसके आस-पास, जहाँ सितंबर-अक्टूबर में लगभग 1,00,000 टन सोयाबीन की फसल होती है, हाल ही में आयी बाढ़ के कारण फसल के पूरी तरह से नुकसान होने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप नयी फसल की आपूर्ति अक्टूबर के मध्य तक आने की उम्मीद है। इससे आने वाले हफ्तों में स्टॉकिस्टों और मिलों द्वारा सोयाबीन की अधिक खरीद की जायेगी।
सोया तेल वायदा (सितंबर) की कीमतों के 750-756 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। भारत ने व्यापार समझौते के तहत 10% की सीमा शुल्क की अतिरिक्त छूट पर पराग्वे से 30,000 टन कच्चा सोया तेल आयात करने की मंजूरी दी है।
सीपीओ वायदा (अगस्त) की कीमतें 547-555 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। उत्पादन में अनुमान से कम वृद्धि की संभावना से मलेशिन पॉम ऑयल वायदा की कीमतों में 1% की वृद्धि हुई है। बीएमडी में बेंचमार्क नवंबर वायदा की कीमतें 1.4% की बढ़त के साथ 2,208 रिंगिट (मलेशियन मुद्रा) पर बंद हुई हैं। इस बीच सीबोट में सोया तेल वायदा की कीमतों में 0.7% की और डेलियन एक्सचेंज में सोया तेल वायदा की कीमतों में 0.1% की एवं पॉम ऑयल वायदा की कीमतों में 0.4% की बढ़ोतरी हुई है।
सरसों वायदा (सितंबर) की कीमतों के 3,925-3,950 रुपये के दायरे में स्थिर रहने की संभावना है। मॉनसून के दौरान सरसों के तेल की माँग बढ़ने और सरसोंमील की लगातार माँग के कारण अल्पावधि में कीमतों को मदद मिलेगी। सरसोंमील की अधिक निर्यात माँग को देखते हुए तेल मिलें आगामी दिनों में सरसों की पेराई शुरू कर सकती हैं। (शेयर मंथन, 22 अगस्त 2019)

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