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बढ़ सकते हैं सरसों और सोया तेल के दाम - एसएमसी

धीमी आवक के कारण सोयाबीन वायदा (नवम्बर) की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है और कीमतें 4,250 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 4,350 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।

सोया तेल और सोयामील की माँग के कारण सोयाबीन की पेराई की गति अधिक है और प्लांट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उच्च कीमतों पर भी अधिक खरीदारी कर रहे है। हाल ही में हुई बारिश के कारण महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 20-30% सोयाबीन फसल के नुकसान की खबरों से सोयाबीन और सोया तेल की कीमतों में तेजी का रुझान है। मध्य प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन की कीमतें 3,800-4,300 रुपये के दायरे में है। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसारी अमेरिकी सोयाबीन की फसल कटाई 79% के अनुमान से कम 75% होने की खबरों से सीबोट में सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरसों वायदा (नवम्बर) की कीमतें 5,750-5,800 रुपये के स्तर तक बढ़त दर्ज कर सकती है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से कम आवक और मिलों की मजबूत माँग के कारण कीमतों को समर्थन मिल सकता है। नॉफेड द्वारा अगली सूचना तक सरसों की नीलामियों को निलंबित कर दिये जाने से कीमतों को मदद मिल सकती है।
सोया तेल वायदा (नवम्बर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 945-955 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की उम्मीद है, जबकि सीपीओ वायदा (अक्टूबर) की कीमतें 782-792 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं। सोया तेल की कीमतों में तेजी और 1-20 अक्टूबर के बीच बेहतर निर्यात के कारण मलेशियाई पॉम तेल वायदा की कीमतों में 3% से अधिक की उछाल दर्ज की गयी है और बेंचमार्क जनवरी वायदा की कीमतें 84 रिंगिट या 3.3% बढ़कर 2,860 रिंगिट के स्तर पर बंद हुई है। कार्गो सर्वेयर के अनुसार 1-20 अक्टूबर के बीच मलेशियाई पॉम ऑयल के निर्यात में 4% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। (शेयर मंथन, 21 अक्टूबर 2020)

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