शेयर मंथन में खोजें

सोया तेल में तेजी, सोयाबीन की कीमतों में 4,350-4,370 के दायरे में कारोबार करने के संकेत - एसएमसी

सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों को 4,310 रुपये के पास सहारा बरकरार रहने की संभावना है, कीमतों के 4,350-4,370 रुपये के स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है।

घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेहतर फंडामेंटल से कीमतों को मदद मिल रही है। ब्राजील में शुष्क मौसम और चीन की ओर से मजबूत माँग के बीच फइजर कंपनी द्वारा अपने कोविड-19 टीके को लेकर सकारात्मक खबरों के कारण शिकागो सोयाबीन वायदा की कीमतें चार वर्षो के उच्च स्तर पर पहुँच गयी है। घरेलू बाजार में सोयाबीन की फसल को नुकसान और संक्रमित फसलों की आवक की रिपोर्ट के कारण इंदौर की मंडियों में सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। सोयाबीन तेल और सोयामील की अधिक माँग के कारण मिलों के लिए मार्जिन 120 प्रति 150 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गयी हैं, जिससे मिलें अधिक मात्रा में ताबड़तोड़ पेराई कर रही हैं। इससे सोयाबीन की माँग अधिक बनी हुई है। आरएम सीड वायदा (दिसंबर) की कीमतों में भी तेजी का रुझान है और 6,180-6,250 रुपये के स्तर के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये कीमतों में हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में लिया जा सकता है।
सरसों के स्टॉक तेज गति से कम हो रहे हैं और कम फसल के कारण अगले सीजन के लिए स्टॉक बहुत कम होगा और अधिक खपत ने स्टॉकिस्टों के बीच खरीदारी की होड़ को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 अक्टूबर को, भारत में सरसों का स्टॉक मात्रा 15.50 लाख टन था। इस बीच नयी फसल की मंडियों में आवक फरवरी में होगी। इसलिए खरीदारों को जनवरी तक वर्तमान स्टॉक पर निर्भर रहना होगा।
सोया तेल वायदा (दिसम्बर) की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 1,005-1,010 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है, जबकि सीपीओ (नवम्बर) की कीमतें भी 893-898 रुपये तक बढ़त जारी रह सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और कम भंडार के बीएमडी में पॉम ऑयल की कीमतें आठ वर्षो के उच्च स्तर पर पहुँच गयी हैं। मलेशियन पॉम ऑयल बोर्ड और यूएसडीए के आज जारी होने वाले आँकड़ों से कीमतों को दिशा मिल सकती है। (शेयर मंथन,10 नवंबर 2020)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख