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कॉटन में नरमी, ग्वारसीड की कीमतों में गिरावट की संभावना - एसएमसी

कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना है और कीमतें 22,100-22,250 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।

यूएसडीए के अनुसार 2020-2021 के लिए 1,69,000 रनिंग बेल कपास की शुद्ध साप्ताहिक बिक्री हुई है जो पिछले सप्ताह की तुलना में 32 प्रतिशत और पिछले 4 सप्ताह के औसत से 27 प्रतिशत कम है। व्यापार निकायों ने कहा कि पिछले एक महीने में चीन और बांग्लादेश की माँग में सुधार के कारण अक्टूबर से शुरू होने वाले फसल वर्ष 2020-21 में भारत से कपास के निर्यात में इस साल 50 फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
ग्वारसीड (मार्च) की कीमतों के 3,800 रुपये के सहारा स्तर से नीचे टूटने की संभावना है जबकि कीमतों में 3,750-3,700 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि ग्वारगम (मार्च) की कीमतें नरमी के रुझान के साथ 5,950-5,900 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है। ग्वारगम और ग्वारसीड व्यापारी अमेरिका से निर्यात माँग की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इसमें तेजी नहीं आयी है। निर्यातकों की खराब माँग से ग्वारगम और ग्वारसीड की कीमतों को मदद नहीं मिली। निर्यातक ग्वारगम खरीदने के लिए उत्सुक नहीं थे क्योंकि उनके पास ग्वारगम पाउडर का पर्याप्त भंडार है। ग्वारगम मिलों के पास भी पर्याप्त स्टॉक है। इसलिए, बाजार में कम आवक से भी सेंटीमेंट प्रभावित हुआ।
चना वायदा (मार्च) की कीमतों के 4,950-5,050 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। इस खबर के बीच काउंटर दबाव में आ गया कि भारत सरकार ने 2021-22 के लिए 4 लाख टन उड़द का कोटा आयात करने की घोषणा की है क्योंकि पूरे उड़द (ब्लैक मैट) की स्थानीय कीमतें बढ़ रही हैं। (शेयर मंथन, 05 मार्च 2021)

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