कपास में तेजी, अरंडी को 6,200 रुपये पर सहारा रहने की संभावना - एसएमसी

विदेशी बाजारों में कपास की कीमतों में तेजी के कारण कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतें कल 0.7% बढ़ गयी है।

अब कीमतों में 25,000-25,700 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। सीसीआई ने सोमवार को कपास की बिक्री की अपनी दरों में 300 रुपये प्रति कैंडी की कमी की, जबकि कर्नाटक के साथ-साथ उत्तर भारत के राज्यों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में नये कपास की आवक शुरू हो गयी है। मिलों की ओर से कम खरीदारी हो रही है।
ग्वारसीड वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल मामूली बढ़त देखने को मिली है। हमें उम्मीद है कि कीमतें 5,600-5,980 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। वर्तमान में कम उत्पादन और ग्वारगम डेरिवेटिव के लिए अच्छी घरेलू और निर्यात माँग के पूर्वानुमान पर कीमतें 8 साल के उच्च स्तर पर कारोबार कर रही है। अगस्त के अंत तक ग्वारगम का रकबा पिछले साल 25 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 21 लाख हेक्टेयर रह गया है जिससे लगातार चौथे साल उत्पादन कम होगा। सितंबर में अच्छी बारिश का अनुमान से कुछ हद तक ग्वार उत्पादन रिकवरी कर है।
अरंडी बीज (अक्टूबर) की कीमतों में कल लगभग 1.7% की बढ़ोतरी हुई है और अब कीमतों को 6,000 रुपये के स्तर पर सहारा है और कीमतें 6,200 रुपये के स्तर को पार करती है तो 6,300 रुपये तक बढ़त दर्ज कर सकती है। सितंबर में देर से मॉनसून की बारिश से गुजरात में अरंडी के क्षेत्र में वृद्धि हुई है। गुजरात में, अरंडी के बीज की बुआई सामान्य क्षेत्र का केवल 84% में हुई हैं, जिससे अगले सीजन के लिए उत्पादन कम हो सकता है। गुजरात में 13 सितम्बर तक अरंडी का रकबा पिछले साल के 5.50 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 5.40 लाख हेक्टेयर रह गया है। निर्यात माँग और अरंडी के तेल के लिए निरंतर औद्योगिक उपयोग से कीमतों में तेजी बनी रहेगी। (शेयर मंथन, 22 सितम्बर 2021)

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