शेयर मंथन में खोजें

विदेशी ब्रोकिंग फर्म भारतीय बाजार को लेकर सतर्क

विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने भारतीय शेयर बाजार के प्रति अब भी सतर्क रुख अपना रखा है, खास कर ऊँचे मूल्यांकन (Valuation) और आय में वृद्धि (Earning Growth) को लेकर अनिश्चितता के कारण। नोमुरा (Nomura) और बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज (BofA) जैसी प्रमुख फर्मों ने निकट भविष्य में सीमित लाभ की संभावना जतायी है।

नोमुरा की रणनीति

नोमुरा ने मार्च 2026 के लिए निफ्टी का लक्ष्य 26,140 पर रखा है, जो मौजूदा स्तर से मात्र 6% ही अधिक है। यह बढ़ोतरी सीमित मानी जा रही है। नोमुरा के मुताबिक निफ्टी इस समय एक साल आगे की आय (1 ईयर फॉरवर्ड अर्निंग) के 20.5 गुना पीई मूल्यांकन पर चल रहा है, जो पिछले 3 वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब है। इसके अलावा, इन्कम यील्ड और बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर -1.4% है, जो निवेशकों के लिए चिंता की बात है।

बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज का नजरिया

बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज ने इस साल के अंत तक के लिए निफ्टी के अपने लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है। यह कदम भारतीय बाजार को लेकर सतर्कता को दर्शाता है। इस फर्म ने ऊँचे मूल्यांकन और आय वृद्धि को लेकर अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

विदेशी निवेशकों की सतर्कता

वर्ष 2025 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारतीय बाजार से 12 अरब डॉलर की निकासी कर चुके हैं, जो उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट) में सबसे अधिक है। इसका मुख्य कारण भारत में ऊँचे मूल्यांकन के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर मौद्रिक सख्ती (मॉनिटरी टाइटनिंग) भी है। इसके विपरीत, चीन और ब्राजील जैसे देशों में निवेशकों ने अधिक निवेश किया है, जहाँ मूल्यांकन अपेक्षाकृत कम हैं और सरकार की ओर से राहत देने की नीति भी कारगर है।

निवेशकों के लिए सुझाव

जानकारों का मानना है कि आम निवेशकों को भी मौजूदा स्थितियों में सतर्क रहना चाहिए और लंबी अवधि के नजरिये से ही निवेश करना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था मूल रूप से (फंडामेंटल) मजबूत है, लेकिन निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी। इसलिए, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता (डाइवर्सिफिकेशन) बनाये रखना चाहिए, ऊँचे मूल्यांकन वाले शेयरों से बचना चाहिए और उन क्षेत्रों में निवेश करना चाहिए जहाँ मूल्यांकन अब भी आकर्षक हैं। (शेयर मंथन, 3 जून 2025)

(आप किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख