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बेस मेटल और एल्युमीनियम की कीमतों में तेजी का रुझान - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

बेस मेटल की कीमतें तेजी के रुझान के साथ एक दायरे में कारोबार कर सकती है लेकिन उच्च स्तर पर मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता है।

क्योंकि इस साल अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से डॉलर के मजबूत होने से सेंटीमेंट पर दबाव रह सकता है। डॉलर जुलाई 2020 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर चढ़ गया, जिससे डॉलर में धातुओं की माँग वैश्विक खरीदारों की ओर से कम आकर्षक रह गयी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा दर में जल्द वृद्धि वित्तीय बाजारों में तरलता को कम कर सकती है और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में रिकवरी की गति धीमी हो सकती है। लेकिन धातुओं के कम स्टॉक होने से कीमतों को सहारा मिल सकता है। एलएमई के पंजीकृत गोदामों में निकल का भंडार पिछले वर्ष के अप्रैल से 65% कम हो गया है, जबकि एल्युमीनियम और तांबे का भंडार क्रमशः 56%-60% कम हो गया है। तांबा की कीमतें 750-775 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। चिली की सीनेट ने देश के खनन रॉयल्टी बिल के एक संशोधित संस्करण को आगे बढ़ाया है जिससे दुनिया के प्रमुख तांबा उत्पादक देशों में काम करने वाली फर्मों पर शुल्क बढ़ जायेगी। चिली के तांबा आयोग ने 2022 तांबे की कीमतों के लिए 3.95 डॉलर प्रति पाउंड के अपने अनुमान को बनाये रखा है, क्योंकि पिछले साल कीमतों में उछाल के बाद मामूली गिरावट हुई है।

आपूर्ति को लेकर चिंता जारी रहने से एल्युमीनियम की कीमतें 240 रुपये के सहारा के साथ 255 रुपये तक बढ़ सकती है। यूक्रेन संकट के कारण प्रमुख उत्पादक रूस से आपूर्ति को लेकर चिंता के कारण एल्युमीनियम की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है। निकल की कीमतें 1,680-1,800 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। यद्यपि निकल की आपूर्ति के एक दशक से अधिक समय में कम होने का खतरा है, लेकिन अगर रूस यूक्रेन पर आक्रमण करता है तो माँग बढ़ सकती है। फिर भी मॉस्को ने बार-बार इनकार किया है कि उसका ऐसा कोई इरादा है। जिंक की कीमतें 290 रुपये के सहारा के साथ 310 रुपये तक बढ़ सकती है। लेड की कीमतें 184-192 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। (शेयर मंथन, 31 जनवरी 2022)

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