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एल्युमीनियम में बढ़त, बेस मेटल में तेजी का रुझान - एसएमसी

बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 618 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 624 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।

कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी का रुझान - एसएमसी

तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,180 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 4,090 के स्तर पर सहारा रह सकता है।

बेस मेटल में तेजी, एल्युमीनियम में बढ़त की उम्मीद - एसएमसी

बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 607 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 615 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।

कच्चे तेल में तेजी, नेचुरल गैस में अस्थिरता रहने की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

संयुक्त राज्य अमेरिका में आर्थिक विकास के संकेत और उत्पादकों द्वारा कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी को जारी रखने की प्रतिबद्धता के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 3,800-4,250 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।

बेस मेटल की कीमतों में एक दायरे में कारोबार करने की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

बेस मेटल की कीमतों के एक दायरे में कारोबार होने की संभावना है क्योंकि चीन के बाजारों के नये साल की छुट्टियों के लिए 11-17 फरवरी के बीच बंद रहने के दौरान औद्योगिक धातुओं की माँग धीमी हो सकती है, जबकि एक्सचेंज के गोदामों में स्टॉक कम होने और अमेरिकी स्टीमुलस की उम्मीद से बेस मेटल की माँग में तेजी आ सकती है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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