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उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) मामूली चढ़े

उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हल्की मजबूती के साथ बंद हुए। 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक समीक्षा बैठक में एक बार फिर ब्याज दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया।आरबीआई ने रेपो दर (Repo Rate) को 8.00% पर और रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate) को 7.00% पर बरकरार रखा है। 

कारोबार के दौरान निफ्टी (Nifty) 8,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया, लेकिन अंत में इस स्तर से नीचे बंद हुआ। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 33 अंक यानी 0.13% की बढ़त के साथ 26,631 पर रहा। निफ्टी 6 अंक यानी 0.07% की मामूली बढ़त के साथ 7,965 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 0.21% की बढ़त रही। बीएसई के स्मॉलकैप (Smallcap) में 0.13% और बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.14% की बढ़त रही। क्षेत्रों के लिहाज से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा।

कमजोर एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार में एक बेहद सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार होता रहा। मजबूत यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार को बल मिला। दोपहर के कारोबार में बाजार हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा। इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की मजबूती भी बढ़ती चली गयी। निफ्टी 8,000 के स्तर को पार कर गया। इस दौरान सेंसेक्स 26,851 और निफ्टी 8,031 दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये, लेकिन कारोबार के आखिरी घंटो में बाजार की मजबूती में कमी आयी। निफ्टी 8,000 के स्तर से नीचे फिसला। इस दौरान बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर चला गया। इसके बाद बाजार में लाल निशान के ऊपर-नीचे कारोबार होता रहा। सेंसेक्स 26,481 और निफ्टी 7,924 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। हालाँकि कारोबार के आखिरी मिनटों में बाजार हरे निशान पर बने रहने में कामयाब रहा। आखिरकार, सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में बढ़त के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों के लिहाज से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को सबसे ज्यादा 1.75% का फायदा हुआ। हेल्थकेयर  में 1.35%, तेल-गैस में 1.14% की मजबूती रही। एफएमसीजी में 0.66% की बढ़त रही। दूसरी ओर, रियल्टी में 2.66% की गिरावट रही। पावर में 1.22%, धातु में 0.96%, कैपिटल गुड्स में 0.58%, बैंकिंग में 0.47%, आईटी में 0.27%, टीईसीके में 0.07% और ऑटो में 0.06% की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 30 सितंबर 2014) 

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