शेयर मंथन में खोजें

हल्की बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार

भारतीय शेयर बाजार ने आज मामूली बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआथ की और कारोबार के शुरुआती सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।


सुबह 10 बजे सेंसेक्स (Sensex) 55 अंक या 0.21% की हल्की बढ़त के साथ 26,988.68 पर है। वहीं एनएसई (NSE) में निफ्टी (Nifty) इस समय 8 अंक या 0.10% की नाम मात्र की बढ़त के साथ 8,161 के स्तर पर चल रहा है।
सुबह सेंसेक्स 34 अंक या 0.13% की बढ़त के साथ 26,966 पर खुला। वहीं एनएसई (NSE) में निफ्टी ने भी 7 अंक या 0.09% की गिरावट के साथ 8,146 पर कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में तो दोनों प्रमुख भारतीय सूचकांकों में हल्की मजबूती देखी जा रही है।
छोटे-मँझोले शेयरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। जहाँ बीएसई मिडकैप में 0.31% की बढ़त दिखायी दे रही है, वहीं बीएसई स्मॉलकैप भी 0.59% ऊपर चल रहा है। इसी तरह एनएसई के सीएनएक्स मिडकैप में भी 0.33% की बढ़त है और सीएनएक्स स्मॉलकैप 0.64% ऊपर चल रहा है।
क्षेत्रवार देखें तो बीएसई में टीईसीके (-0.07%) को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों के सूचकांक हरे निशान में दिखाई दे रहे हैं। तेल-गैस में (1.09%), मेटल (0.90%), कंज्यूमर ड्यूरेबल (0.81%), ऑटो (0.79%), रियल्टी (0.74%), पावर (0.53%), एफएमसीजी में (0.33%), कैपिटल गुड्स (0.16%), आईटी (0.16%), हेल्थकेयर (0.14%) और बैकिंग (0.12%) हरे निशान में चल रहे हैं। (शेयर मंथन, 7 अक्टूबर 2015)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख