शेयर मंथन में खोजें

आरबीआई ने नहीं बढ़ायी रेपो दर, बाजार में भारी गिरावट

कारोबारी हफ्ते के आखरी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली हुई।

खास तौर से आरबीआई द्वारा मौजूदा रेपो दर में बदलाव न किये जाने के फैसले से कारोबार के अंतिम घंटे में बाजार में अधिक गिरावट आयी। जानकारों ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। वहीं तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट से बाजार पर काफी दबाव पड़ा। आज छोटे-मँझोले बाजारों की भी हालत खस्ता हुई, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया 74 का आँकड़ा पार करके सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुँच गया। भारतीय शेयर बाजार को वैश्विक बाजारों से भी नकारात्मक ही रुझान मिले।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 35,169.16 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह 35,097.99 पर खुला और भारी बिकवाली के कारण कारोबार के दौरान 34,202.22 अंकों के निचले स्तर तक गिरा। आखिर में सेंसेक्स 792.17 अंक या 2.25% की कमजोरी के साथ 34,376.99 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 10,599.25 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 10,514.10 पर खुल कर 282.80 अंक या 2.67% की कमजोरी के साथ 10,316.45 पर बंद हुआ। आज सत्र के दौरान निफ्टी का निचला स्तर 10,261.90 का रहा।
दूसरी तरफ छोटे-मँझोले बाजारों में भी जबरदस्त बिकवाली देखी गयी। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 2.70% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 2.02% की कमजोरी आयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) 2.61% और निफ्टी स्मॉल 100 (Nifty Small 100) 2.44% की गिरावट आयी।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 08 शेयरों में मजबूती और 42 शेयरों में कमजोरी आयी। बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में 04 शेयरों में मजबूती और 27 शेयरों में कमजोरी आयी। आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से इन्फोसिस में 2.19%, टीसीएस में 1.88%, इंडसइंड बैंक में 1.36% और एचडीएफसी बैंक में 0.10% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से ओएनजीसी में 15.93%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 6.31%, अदाणी पोर्ट्स में 5.36%, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 4.73%, भारती एयरटेल में 4.27% और मारुति सुजुकी में 4.18% की कमजोरी दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 05 अक्टूबर 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख