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अमेरिकी बाजार रहा मिला-जुला

फेडरल रिजर्व के सकारात्मक बयान अमेरिकी बाजार में कोई खास उत्साह नहीं जगा पाये और बाजार कल मिला-जुला बंद हुआ।

फेडरल रिजर्व की बैठक को देखते हुए बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई। फेड के ब्याज दरें नहीं बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने के बयान से बाजार हरे निशान में लौट आया। लेकिन ये तेजी टिकाऊ साबित नहीं हुई और बाजार वापस फिसल गया।
डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेजेज (Dow Jones Industrial Average) 7 अंक यानी 0.07% की मामूली बढ़त बनाने में कामयाब रहा और यह 10,761 पर आ गया। लेकिन नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq  Composite) 6 अंक यानी 0.28% की कमजोरी के साथ 2,349 पर आ गया। एसएंडपी 500 (S&P 500)  3 अंक यानी 0.26% की गिरावट के साथ 1140 पर पहुँच गया है।
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 0 से 0.25% पर कायम रखने का फैसला किया है। यह दर दिसंबर 2008 से लागू है। फेडरल रिजर्व ने माना कि अर्थव्यवस्था में विकास की रफ्तार सुस्त है और अगले कुछ महीनों में विकास की रफ्तार हल्की रह सकती है। फेडरल रिजर्व ने कहा कि वह अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है। लेकिन निवेशक संभावित राहत पैकेज की सफलता को लेकर थोड़े आशंकित नजर आ रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आयी है। नाइमेक्स (NYMEX) पर कच्चा तेल 1.34 डॉलर फिसलकर 73.52 डॉलर प्रति बैरल का हो गया। कॉमेक्स (COMEX) पर 6.5 डॉलर फिसलकर 1,274.30 डॉलर प्रति औंस का हो गया। एक समय सोने के दाम 1292.40 डॉलर प्रति औंस के नये रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गये थे। (शेयर मंथन, 22 सितंबर 2010)

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