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Gift Nifty सपाट, भारतीय बाजार में आज भी देखने को मिल सकता है सतर्क कारोबार

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखरी दिन शुक्रवार (24 नवंबर) को कारोबार की सतर्क शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 9.5 अंकों की सुस्ती नजर आ रही है और यह 0.05% के अंतर के साथ 19,868.5 के स्तर के आसपास घूम रहा है।

निफ्टी को 19,850, सेंसेक्स को 66,800 पर मिल रही बाधा

इस गुरुवार को मानक सूचकांकों में फीकी गतिविधि देखी गयी, निफ्टी 10 अंक नीचे बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 5 अंक नीचे रहा। क्षेत्र (सेक्टर) के आधार पर देखें तो रियलिटी शेयरों में कुछ खरीदारी देखी गयी, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर सूचकांकों में 1% से अधिक की गिरावट आयी।

इन स्तरों के ऊपर सकारात्मक बने रहेंगे बाजार : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार (22 नवंबर) को भारत बेंचमार्क इंडेक्स में एक दायरे में कारोबार देखने को मिला था। कल निफ्टी 28 अंक, जबकि सेंसेक्स 92 अंक जोड़कर बंद हुए थे।

उतार-चढ़ाव के बीच बाजार सपाट बंद

वैश्विक बाजारों से अच्छे संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में दमदार उछाल देखने को मिला। थैंक्स गिविंग की छुट्टी से पहले बाजार में मजबूत कारोबार देखने को मिला।

लाल निशान में सपाट Gift Nifty, भारतीय बाजार में भी हो सकती है कारोबार की सतर्क शुरुआत

भारतीय शेयर बाजार में साप्ताहिक निप्टान के दिन गुरुवार (23 नवंबर) को कारोबार की सतर्क शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 2.5 अंकों की सुस्ती नजर आ रही है और यह 0.01% के अंतर के साथ 19,895.5 के स्तर के आसपास घूम रहा है।

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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