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क्या इरेडा शेयरों में 120 के नीचे फिसलते ही बढ़ सकता है गिरावट का खतरा?

अविनाश जानना चाहते हैं कि उन्हें इरेडा (IREDA) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 176 रुपये के भाव पर 4500 से अधिक शेयर खरीद रखे हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है? 

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि मौजूदा गिरावट के बीच स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। बाजार की कमजोरी के दौर में घबराहट होना सामान्य है, लेकिन इक्विटी का स्वभाव ही उतार-चढ़ाव भरा होता है। लंबे समय तक ठहराव और अचानक तेज रिटर्न, दोनों इस खेल का हिस्सा हैं। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले शेयर के तकनीकी और मूलभूत संकेतकों को संतुलित नजरिए से देखना जरूरी है।

तकनीकी दृष्टि से 120 रुपये का स्तर बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है। पिछली बार भी शेयर इसी क्षेत्र में रुककर संभला था और हालिया गिरावट में फिर 121 के आसपास लो बनाया है। इसका मतलब यह स्तर एक क्रूशियल सपोर्ट जोन है। हालांकि, जब तक शेयर 135 रुपये के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक सकारात्मक रुख अपनाना जल्दबाज़ी होगी। 135 के ऊपर जाने पर 150 रुपये तक की रिकवरी की संभावना बन सकती है, लेकिन उससे पहले ट्रेंड को कमजोर ही माना जाएगा। यदि 120 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट का जोखिम और बढ़ सकता है।

फंडामेंटल नजरिए से देखें तो रिटर्न रेशियो औसत दिखते हैं, लेकिन एसेट यूटिलाइजेशन और फ्री कैश फ्लो की स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। जब कोई शेयर 300 रुपये से गिरकर 120 के पास आ जाता है, तो केवल यह मान लेना कि अब और नहीं गिरेगा, पर्याप्त आधार नहीं होता। गिरावट की तीव्रता भले कम हो जाए, पर जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।

मौजूदा समय में 120 रुपये का स्तर निर्णायक है और 135 रुपये के ऊपर निकलने तक सतर्क रहना ही समझदारी होगी। एवरेजिंग की जल्दबाज़ी से बचें और स्पष्ट ट्रेंड बदलाव का इंतजार करें। निवेश में धैर्य और जोखिम प्रबंधन ही सबसे बड़ी सुरक्षा हैं।


(शेयर मंथन, 27 फरवरी 2026)

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